दिल वालों की दिल्ली के लिए केजरीवाल ने एक बहुत बड़ा तोहफा दिया है। केजरीवाल सरकार से इस बार दिल्ली वासियों को बिजली का झटका नहीं लगेगा। चुनाव से पहले केजरीवाल सरकार का यह बड़ा तोहफा है। बुधवार को डीआईआरसी द्वारा तय शुल्क में भारी कटौती की घोषणा की है।
केजरीवाल ने घोषणा की है कि 200 यूनिट तक कोई बिजली करने पर बिल देने की जरूरत नहीं है। अगर 200 यूनिट से ऊपर खर्च करते है तो उसको पहले की तरह पूरा बिल देना होगा। साथ ही उन्होंने ये भी कहा है कि अगर कोई व्यक्ति 201 यूनिट बिजली खर्च करता है तो उसे पूरे पैसे देने पड़ेंगे। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में बिजली कंपनियों का घाटा 17 फीसदी से घटकर 8 फीसदी पर आ गया है।
नयी दरों के मुताबिक दो किलोवाट के मीटर का किराया 125 रुपये से घटाकर 20 रुपये, दो किलोवाट से पांच किलोवाट का 140 रुपये से 50 रुपये और पांच किलोवाट से 15 किलोवाट के मीटर का किराया 175 रुपये से कम करके 100 रुपये कर दिया गया है।
बिजली बिलों पर 3.8 फीसदी सरचार्ज है, जो कि जिससे पूर्व कर्मचारियों को पेंशन दिया जाता है। साथ रेग्युलेटरी सरचार्च (नियामक अधिभार) भी 8 फीसदी है। डीईआरसी के मुताबिक दिल्ली में कम से कम 4.9 मिलियन घरेलू बिजली उपभोक्ता हैं। अम नए टैरिफ प्लान से 98 फीसदी परिवारों की बिजली बिलों पर पैसों की बचत होगी।
इस घोषणा के बाद उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर कहा कि, हर परिवार का बेहतर जीवन होना चाहिए। जैसे कि अच्छी शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सेवा और घर में रोशनी, पंखे चलाने के लिए बिजली की भी आवश्यकता होती है। सिसोदिया ने इसे दिल्ली का ऐतिहासिक दिन करार दिया है।