Gehraiyaan Review: बेवफाई को पर्दे पर दिखाना हिंदी फिल्मों के लिए नया नहीं है। बेवफाई एक ऐसा विषय है जिसे प्राचीन काल में ही भारतीय सिनेमा में खोज लिया गया था। कभी कॉमेडी, कभी ड्रामा, तो कभी रोमांस के साथ मिस्ट्री-थ्रिलर के रूप में बेवफाई की कहानियां पर्दे पर आती रही हैं, लेकिन दीपिका पादुकोण, सिद्धांत चतुर्वेदी और अनन्या पांडे की 'गहराइयां' जिस परिपक्वता के साथ इस विषय को डील करती है, वो इसे दूसरी फिल्मों से अलग करता है।
शकुन बत्रा की फिल्म 'गहराइयां' सतही तौर पर त्रिकोणीय रोमांस और उलझे रिश्तों की एक रोमांटिक-ड्रामा फिल्म लग सकती है, लेकिन इसके गहराई में उतरने पर ये फिल्म इंसानी फितरत के उस पहलू को दिखाती है, जहां सरवाइवल की बात आने पर इंसान किसी भी हद से गुजरने को मजबूर हो जाता है। 'गहराइयां' में किरदारों के बहाने जीवन में रिश्तों के इसी समानंतर उलझनों को समझने या दिखाने की कोशिश की गई है।
फिल्म अलीशा (दीपिका पादुकोण) और जैन (सिद्धांत चतुर्वेदी) को एक-दूसरे का साथ अच्छा लगता है, हालांकि इस रिश्ते के धागे उलझे काफी हुए हैं। इसमें एक-दूसरे के साथ एक सुकून भी है और बेचैनी भी। इस फिल्म में प्यार के साथ झूठ, धोखा और सच्चाई भी है। साथ ही रिश्तों में लिपटी उलझनों को भी शामिल किया गया है।
यह फिल्म शहरी पृष्ठभूमि में अपर मिडिल क्लास के परिवार की कहानी भी कही जा सकती है, जहां दो बहनों का अतीत कुछ कड़वी यादों के साथ एक-दूसरे से गुंथा हुआ है और वो वर्तमान से होते हुए भविष्य को इस अतीत की गिरफ्त से आजाद करना चाहती हैं। यह फिल्म शहरी पृष्ठभूमि में अपर मिडिल क्लास के परिवार की कहानी भी कही जा सकती है।
'गहराइयां' उन गिनी-चुनी रोमांटिक ड्रामा फिल्मों का प्रतिनिधित्व करती है, जहां रोमांस देखते-देखते अचानक रोमांच का अनुभव होने लगता है। फिल्म में एक रिश्ते के होते हुए भी उसके खत्म होने के कारणों पर बात की है। इसमें प्रोग्रेसिव है और साथ ही आप इससे जुड़ भी जाते हैं।
फिल्म की कहानी लव स्टोरी के साथ-साथ सस्पेंस और ड्रामा से भी भरी हुई है। दीपिका ने फिल्म में बेहतरीन काम किया है। वहीं, सिद्धांत चतुर्वेदी की परफॉरमेंस में भी दम तो है, लेकिन उन्हें और पोलिश की जरूरत भी है।
इन दोनों के अलावा धैर्य करवा ने अपने किरदार को अच्छे से निभाया है। जबकि अनन्या पांडे की एक्टिंग भी ठीक है, लेकिन फिल्म जैसे-जैसे आगे बढ़ती है उनको अपने एक्टिंग टैलेंट को दिखाने का मौका दिया जाता है। वहीं, नसीरुद्दीन शाह और रजत कपूर जैसे दिग्गज अभिनेताओं के काम पर शक तो कोई कर ही नहीं सकता।
एक बार और बता दूं कि फिल्म के ट्रेलर और गानों में दीपिका पादुकोण और सिद्धांत चतुर्वेदी के बीच दिखाए गए रोमांटिक दृश्यों पर उतना यकीन मत करिए। दोनों के बोल्ड सीन्स में उतना दम नहीं है, जितना इन्हें लेकर शोर हो रहा था।