प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बॉलीवुड अभिनेता जैकलीन फर्नांडीज (Jacqueline Fernandez) को कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर (Sukesh Chandrashekar) और अन्यों से जुड़े करोड़ों रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग मामले (Money laundering Case) में आरोपी बनाने का फैसला किया है। अधिकारियों ने बुधवार को ये जानकारी दी है।
केंद्रीय जांच एजेंसी की तरफ से बुधवार को दिल्ली में एक स्पेशल धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) अदालत के सामने इस मामले में एक नई सप्लीमेंट्री चार्ज शीट या अभियोजन शिकायत दर्ज करने की उम्मीद है। एक्ट्रेस का नाम इसमें एक आरोपी के रूप में रखा गया है।
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जैकलीन को प्रवर्तन निदेशालय कई बार तलब कर चुका है। इस मामले में एजेंसी ने 36 साल की एक्ट्रेस से कई बार पूछताछ की है। आखिरी बार जून में उनसे पूछताछ हुई थी। मूल रूप से श्रीलंका की रहने वालीं जैकलीन ने 2009 में हिंदी फिल्म जगत में अपने कैरियर की शुरुआत की थी।
ED ने अप्रैल में 15 लाख रुपए कैश के अलावा PMLA के तहत अभिनेता के 7.27 करोड़ रुपए के फंड को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया था। क्योंकि एजेंसी ने इन पैसों को "अपराध के जरिए हुई कमाई" बताया था।
इससे पहले सुकेश के वकील ने मीडिया को जानकारी दी थी कि एक्ट्रेस कथित तौर पर सुकेश को डेट कर रही हैं। हालांकि, जैकलीन की टीम ने बाद में सुकेश के साथ उनके शामिल होने से इनकार किया।
वहीं ED ने भी अपने एक बयान में कहा, "सुकेश चंद्रशेखर ने जबरन वसूली समेत आपराधिक गतिविधियों से कमाए गए पैसों से जैकलीन फर्नांडीज को 5.71 करोड़ रुपए के कई अलग-अलग गिफ्ट दिए थे।"
ईडी ने तब एक बयान में कहा था, "चंद्रशेखर ने इस मामले में अपनी लंबे समय से सहयोगी और सह-आरोपी पिंकी ईरानी के जरिए ये गिफ्ट जैकलीन तक पहुंचाए थे।"
इन उपहारों के अलावा, चंद्रशेखर ने फर्नांडीज के करीबी परिवार के सदस्यों को 1,72,913 अमरीकी डालर (मौजूदा रेट के हिसाब से लगभग 1.3 करोड़ रुपए) और AUD 26740 (लगभग 14 लाख रुपए) की धनराशि भी दी।
एजेंसी ने कहा कि जांच में पाया गया कि चंद्रशेखर ने "फर्नांडीज की ओर से एक स्क्रिप्ट राइटर को उनके वेब सीरीज प्रोजेक्ट की स्क्रिप्ट लिखने के लिए 15 लाख रुपए की एडवांस कैश दिया था।"
ED ने आरोप लगाया है कि चंद्रशेखर ने फर्नांडीज के लिए गिफ्ट खरीदने के लिए अवैध धन का इस्तेमाल किया। इसे उसने फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रमोटर शिविंदर मोहन सिंह की पत्नी अदिति सिंह सहित कई हाई-प्रोफाइल लोगों को धोखा देकर कमाया था।
उस पर आरोप है कि उसने अदिति सिंह और उनकी बहन को फोन पर अपने आप को केंद्रीय गृह सचिव और कानून सचिव बता कर धोखाधड़ी की थी।