Bigg Boss: बिग बॉस 18 का फिनाले खत्म हो चुका है और करण वीर मेहरा ने इस सीजन की ट्रॉफी जीत ली है। फिनाले में उनका मुकाबला रजत दलाल और विवियन डीसेना जैसे मजबूत कंटेस्टेंट्स से हुआ था। करण ने भले भी बिग बॉस 18 की ट्राफी अपने नाम कर ली है, लेकिन रजत दलाल के फैंस को यह बात बिल्कुल भी हजम नहीं हो रही है।
रजत के फैंस अपनी नाराजगी बिग बॉस के नैरेटर विजय विक्रम सिंह पर उतार रहे हैं। बिग बॉस के नैरेटर को रजत के फैंस गालियां देना और जान की धमकी देना शुरू कर दिया है।
फैंस बिग बॉस को फिक्स्ड कहा
वॉयस आर्टिस्ट और एक्टर विजय विक्रम सिंह पिछले 15 सालों से हिट रियलिटी टीवी शो बिग बॉस के नैरेटर है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब रजत दलाल बिग बॉस 18 में तीसरे स्थान पर बाहर हो गए। इससे उनके फैंस काफी नाराज हो गए और शो को 'फिक्स्ड' करार दिया। नाराज प्रशंसकों ने शो के पोड्यूसर को रजत के हारने का जिम्मेदार ठहरा रहे थे, लेकिन बाद में रजत के कुछ फैंस इंस्टाग्राम पर विजय विक्रम सिंह को बिग बॉस समझकर निशाना बनाने लगे हैं।
बिग बॉस के नैरेटर को दे रहे हैं धमकी
सोशल मीडिया पर विजय विक्रम को नफरत भरे मैसेज और जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। यह मैसेज इतना ज्यादा हो गया है कि विक्रम को अपने इंस्टाग्राम पर प्राइवेसी लगानी पड़ी और कमेंट सेक्शन को भी बंद करना पड़ा। रजत के फैन्स विजय विक्रम के लिए लिखा, "आपने रजत दलाल के साथ गलत किया, आपका परिवार कभी खुश नहीं रहेगा।" वहीं एक दूसरे यूजर्स ने लिखा 'रजत के साथ धोखा किया,सबसे बकवास इंसान, बिग बॉस शो स्क्रिप्टेड है।' इन कमेंट के साथ लोग विजय विक्रम को गालियां भी दे रहे हैं।
बिग बॉस के नैरेटर ने क्या कहा
बिग बॉस में टास्क और टाइमिंग की जानकारी देने वाली आवाज के तौर पर पहचान बनाने वाले विजय विक्रम सिंह को हाल ही में दर्शकों के गुस्से का सामना करना पड़ा। दिसंबर 2024 में विजय ने एक वीडियो के जरिए साफ किया था कि वो बिग बॉस नहीं हैं। उन्होंने कहा, "कृपया नफरत भरे संदेश भेजना बंद करें। मैं बिग बॉस की दूसरी आवाज हूँ, लेकिन बिग बॉस नहीं हूं। कृपया मुझे गालियां देना बंद करें। मैं बिग बॉस में सिर्फ टास्क और टाइमिंग की जानकारी देता हूं। जो आवाज प्रतियोगियों से बात करती है, उसके बारे में मुझे कुछ नहीं पता।" उन्होंने आगे कहा, "मुझे यह भी नहीं पता कि वह आवाज किसी मशीन की है या इंसान की। इसलिए मैं आप सभी से निवेदन करता हूं कि मुझे गलत न समझें।"