साल 1993 में रिलीज हुई फिल्म 'बाजीगर' बॉक्स ऑफिस पर तगड़ी कमाई की थी। अब्बास-मस्तान के निर्देशन में बनी ये फिल्म एक ब्लॉकबस्टर हिट थी। इस फिल्म में शाहरुख खान, काजोल और शिल्पा शेट्टी लीड रोल में थे। फिल्म में काम करने वाले कई एक्टर्स बड़े स्टार बन गए, लेकिन विकी मल्होत्रा का किरदार निभाने वाले आदि ईरानी को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने अनाड़ी (1993) और बाजीगर (1993) के बाद अपने संघर्षों के बारे में खुलकर बात की।
बेटी के लिए दूध खरीदने के नहीं थे पैसे
फिल्मीतंत्र मीडिया के साथ बात करते हुए एक्टर आदि ईरानी ने कहा,"मेरी पहली बेटा की जन्म साल 1995 में हुआ था, उस समय दूध की कीमत 5 रुपये थी, लेकिन कई बार मेरे पास इतने भी पैसे नहीं होते थे। मुझे रोजाना शहर जाकर लोगों से जॉब और रोल्स के लिए मिलना पड़ता था। इसके लिए दोस्त से स्कूटर उधार लेना पड़ता था। कई बार मेरे पास पेट्रोल भराने के पैसे तक नहीं होते थे।"
आदि ईरानी ने अपने स्ट्रगल के दिनों को याद करते हुए बताया, "जब मेरे पास पेट्रोल के पैसे नहीं होते थे तो वे बस स्टॉप तक पैदल जाते थे। अगर कोई पूछता कि वह वहां क्यों खड़े हैं। इस पर वे झूठ बोल देते कि किसी दोस्त का इंतजार कर रहे हैं। लोग कहते थे, 'तुम्हें बस में जाने की क्या जरूरत है?' और फिर मैं चुपचाप घर वापस चला जाता था।"
बहन अरुणा ईरानी ने दिया था मदद का ऑफर
आदि ईरानी ने बताया कि उनकी बहन एक्ट्रेस अरुणा ईरानी ने उनको कई बार मदद के लिए ऑफर किया था। आदि ईरानी ने बताया, "मेरी बहन मेरी हालत जानती थी और कई बार मदद की पेशकश भी की लेकिन मैंने मना कर दिया। मैं उसका भाई हूं लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वह जिंदगीभर मेरी देखभाल करे। यह मेरा अपना संघर्ष था और उसे भी अपना परिवार संभालना था।"
आदि ईरानी ने सलमान खान और प्रीति जिंटा की फिल्म चोरी चोरी चुपके चुपके में भी काम किया था। बता दें महज 4 करोड़ के बजट में बनी शाहरुख खान की इस फिल्म ने वर्ल्डवाइड 32 करोड़ रुपये की कमाई की।