केंद्र सरकार ने मृत सरकारी कर्मचारी या पेंशनभोगियों पर आश्रित दिव्यांगजनों को बड़ी राहत देते हुए फैमिली पेंशन रूल्स को और आसान बनाया है। केंद्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने पेंशन के लिए मृत सरकारी कर्मचारियों या पेंशनभोगी के परिवार के सदस्यों की पात्रता के मानदंडों को उदार बनाया है। सरकार ने घायल और Disabled Survivors को इलाज और वित्तीय सहायता मुहैया कराने के लिए फैमिली पेंशन में छूट दी है। सरकार का मानना है कि परिवार के अन्य सदस्यों के लागू पारिवारिक पेंशन की पात्रता का मानदंड, सरकारी कर्मचारी के दिव्यांग बच्चों और भाई-बहन के मामले में लागू नहीं होना चाहिए। बल्कि उन्हें वित्तीय सहायता मिलनी चाहिए ताकि उनका जीवन यापन हो सके।
जितेन्द्र सिंह ने कहा कि सरकार ने इस मामले की समीक्षा की और यह निर्णय लिया है कि सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के दिव्यांग बच्चों और भाई-बहन के लिए पारिवारिक पेंशन की पात्रता के लिए आय मानदंड तर्कसंगत होना चाहिए। यह राशि उस परिवार को मिलने वाली पेंशन के अनुपात में होना चाहिए। नियमों के मुताबिक, मृत सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभागी दिव्यांग बच्चे और आश्रित दिव्यांग भाई-बहन पूरे जीवन के लिये पारिवारिक पेंशन के पात्र होंगे। साथ ही वे महंगाई राहत (dearness relief) के भी पात्र होंगे।
9,000 रुपये से अधिक आय वालों को भी मिलेगी पेंशन
सरकार ने कहा है कि मृत सरकारी कर्मचारियों या पेंशनभोगी के बच्चे जो मानसिक या शारीरिक रूप से नि:शक्त है और दिव्यांगता के कारण आजीविका अर्जित करने में असमर्थ है, वे पूरे जीवन के लिए फैमिली पेंशन के पात्र होंगे। वर्तमान में वैसे दिव्यांगजन, जिनकी आय पारिवारिक पेंशन को छोड़कर हर महीने 9,000 रुपये के बराबर या उससे अधिक है, उन्हें फैमिली पेंशन नहीं मिलती है। नई व्यवस्था में ऐसे दिव्यांगजनों को भी फैमिली पेंशन दी जाएगी।
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