PM kisan Samman Nidhi: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत मोदी सरकार किसानों को सालाना 6,000 रुपये देती है। सरकार का मकसद है कि किसानों की इनकम दोगुनी की जाए। सरकार की किसानों को सीधा कैश पहुंचाने वाली योजना है। इस योजना के तहत किसानों साल भर में तीन किस्तों में 6000 रुपये दिए जाते हैं। हर एक किस्त में 2,000 रुपये दिए जाते हैं।
सरकार अब किसानों को 6,000 रुपये के अलावा अलग से 5,000 रुपये दे सकती है। ये पैसा किसानों को खाद के लिए होगा। क्योंकि सरकार बड़ी – बड़ी कंपनियों को सब्सिडी देती है। लिहाजा सरकार अब कंपनियों को सब्सिडी देने के बजाय किसानों के हाथ में फायदा देना चाहती है।
दरअसल कृषि लागत और मूल्य आयोग (Commission for Agricultural Costs and Prices - CACP) ने किसानों को सीधे 5,000 रुपये सालाना खाद सब्सिडी के तौर पर देने की सिफारिश की है। आयोग ने अपनी सिफारिश में कहा है कि किसानों को 2,500 रुपये दो किस्तों में दिए जाएं। यानी पहली किस्त खरीफ की फसल के समय और दूसरी किस्त रबी की शुरुआत में दिया जाए।
इस सिफारिश को अगर केंद्र सरकार ने मान लिया तो फिर किसानों को ज्यादा नगदी मिलेगी। क्योंकि सब्सिडी का सीधा पैसे किसानों के अकाउंट में आएगा। जैसे पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त आती है। मौजूदा समय में कंपनियों को दी जाने वाली सब्सिडी भ्रष्टाचार की शिकार हैं। हर साल सहकारी समितियों और भ्रष्च अधिकारियों की वजह से खाद की किल्लत होती है। लिहाजा किसानों को ब्लैक में खाद खरीदना पड़ता है।
केंद्र सरकार डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (direct benefit transfer-DBT) के जरिए किसानों के अकाउंट में पैसे भेजने के लिए विचार कर रही है। सरकार ने इसके लिए साल 2017 में ही आयोग का गठन कर दिया था। लेकिन अब तक कोई ठोस काम नहीं हो पाया था। लेकिन अब CACP की सिफारिशें जल्द ही लागू होने की उम्मीद जताई जा रही हैं।
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