वित्त मंत्रालय ने जारी की इकोनॉमिक रिव्यू रिपोर्ट, क्या हैं पॉजिटिव संकेत और किस बात पर जताई चिंता

वित्त मंत्रालय की तरफ से इकोनॉमिक रिव्यू रिपोर्ट (Economic Riview Report) जारी की गई है। इसके मुताबिक इस साल देश की GDP 6.5% की दर से बढ़ेगी। जीडीपी को मॉनसून की रफ्तार का भी सपोर्ट मिलेगा। हालांकि इकोनॉमिक रिव्यू रिपोर्ट में कच्चे तेल के बढ़ते दामों पर चिंता भी जाहिर की गई है

अपडेटेड Sep 22, 2023 पर 3:32 PM
इकोनॉमिक रिव्यू रिपोर्ट में कहा गया है कि इस कारोबारी साल की दूसरी छमाही और बेहतर होगी। इस बार एडवांस टैक्स के आंकड़ें अच्छे नजर आ रहे हैं

Economic Review Report:  देश की इकोनॉमी आगे भी अच्छी रहने की उम्मीद है। देश की इकोनॉमी में रफ्तार आगे भी जोरदार तरीके से जारी रहेगी। वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) की तरफ से जारी इकोनॉमिक रिव्यू रिपोर्ट (Economic Review Report) के मुताबिक इस साल देश की GDP 6.5% की दर से बढ़ेगी। मॉनसून की रफ्तार का भी जीडीपी को सपोर्ट मिलेगा। हालांकि इसके साथ ही इकोनॉमिक रिव्यू रिपोर्ट में कच्चे तेल के बढ़ते दामों पर चिंता भी जाहिर की गई है। रिव्यू रिपोर्ट में और क्या कहा है कि इसके बारे में बताते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के लक्ष्मण रॉय ने कहा कि रिपोर्ट में कहा गया है कि इस साल की दूसरी छमाही और अच्छी रह सकती है।

इकोनॉमिक रिव्यू रिपोर्ट: पॉजिटिव संकेत

लक्ष्मण रॉय ने रिपोर्ट के बारे में आगे कहा कि इसमें कहा गया है कि इस कारोबारी साल में 6.5% GDP ग्रोथ देखने को मिल सकती है। इतना ही नहीं इस कारोबारी साल की दूसरी छमाही पहली छमाही से भी बेहतर होगी। इस बार एडवांस टैक्स के आंकड़ें पिछली बार से अच्छे नजर आ रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि देश के प्राइवेट सेक्टर में ग्रोथ बढ़ रही है। इसके साथ ही प्राइवेट निवेश में बढ़ोतरी हो रही है। वहीं देश के बैंकिंग सेक्टर में लगातार मजबूती देखने को मिल रही है। इसमें अच्छी बात ये है कि इस बार ग्रॉस NPA 10 साल के निचले स्तरों पर पहुंच गया है।


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वहीं मॉनसून की रफ्तार में तेजी दिख रही जो कि इकोनॉमी के लिए अच्छा संकेत माना जाता है। इसके अलावा खाने-पीने के सामान के दामों में कमी आ रही है। इससे भी भारत की इकोनॉमी को बूस्ट मिल सकता है।

इकोनॉमिक रिव्यू रिपोर्ट: चिंताएं

लक्ष्मण रॉय ने इकोनॉमिक रिव्यू रिपोर्ट में जारी की गई चिंताओं के बारे में कहा कि इस समय कच्चे तेल में उबाल नजर आ रहा है। कच्चे तेल के दाम बढ़न से इकोनॉमी को लेकर चिंता बढ़ गई है। लेकिन रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि अभी तक ये दाम इकोनॉमी के लिए खतरा नहीं बन पाये हैं।

इसके साथ ही देश के इक्विटी मार्केट यानी की शेयर बाजार को लेकर भी रिपोर्ट में चिंता जताई गई है। इस रिपोर्ट में शेयर बाजार में गिरावट का खतरे के बारे में आशंका जताई गई है। वहीं दुनिया में जियोपॉलिटिकल टेंशन बढ़ रहा है। अगर आने वाले समय में ये जियोपॉलिटिकल टेंशन कम नहीं हुआ तो भारत में आने वाले निवेश में कमी की आशंका है।

 

 

 

 

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