नो योर कंपनी में आज रडार पर एचईजी है। कंपनी के शेयर में पिछले 6 महीने में करीब साठ फीसदी की भारी गिरावट आ चुकी है। पिछले महीने इसने बायबैक किया था और अब भीलवाड़ा एनर्जी में हिस्सा बढ़ाने जा रही है। दिसंबर तिमाही तक शानदार नतीजों के बावजूद क्यों टूट रहा है कंपनी का शेयर।
कंपनी को भीलवाड़ा एनर्जी में हिस्सा बढ़ाने को बोर्ड की मंजूरी मिली है। कंपनी भीलवाड़ा एनर्जी में हिस्सा 29.4 फीसदी से बढ़ाकर 49 फीसदी करेगी। इसके लिए कंपनी भीलवाड़ा एनर्जी में 162.05 करोड़ रुपये लगायेगी। कंपनी ने पिछले महीने 750 करोड़ का शेयर बायबैक किया है।
दिसंबर तिमाही में कंपनी की आय में जबर्दस्त बढोत्तरी हुई और वह 121 फीसदी उछलकर 1865 करोड़ रुपये हो गई। उसी प्रकार कंपनी का मुनाफा भी 153 फीसदी बढ़कर 866.8 करोड़ रुपये हो गया। एबिटडा भी 557.5 करोड़ रुपये से बढ़कर 1313.5 करोड़ रुपये हो गया था।
सीएनबीसी-आवाज़ के साथ बातचीत करते हुए एचईजी के ग्रुप सीएफओ ओपी अजमेरा ने कहा कि कंपनी 75 फीसदी अल्ट्रा हाइपावर और 25 फीसदी नॉन अल्ट्राहाइपावर में काम करती है। नॉन अल्ट्रापावर सेक्टर में चीन से आयात पर एंटी डंपिंग ड्यूटी हटाने से कंपनी पर थोड़ा दबाव है। मैनेजमेंट इस मुद्दे को सरकार के सामने उठाने पर विचार कर रहा है।
चीन से आये हुए माल पर एंटी डंपिंग ड्यूटी हटाये जाने वहां से बड़ी मात्रा में नॉन अल्ट्रापावर सेक्टर में आयात हो रहा है। जो कि इस इंडस्ट्री के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं। एचईजी के प्रोडक्ट की कीमत चीन के प्रोडक्ट से ज्यादा है हालांकि हमारी क्वालिटी अच्छी होने के कारण यह फर्क है।