GDP को झटका: मार्च 2019 तिमाही में ग्रोथ 5.8%, सालाना GDP 5 साल में सबसे कम

सरकार ने माना है कि इकोनॉमिक ग्रोथ धीमी पड़ी है, इसके लिए उसने NBFC संकट को जिम्मेदार ठहरा दिया है।

अपडेटेड May 31, 2019 पर 5:42 PM

भारतीय अर्थव्यवस्था की ग्रोथ फिस्कल ईयर 2019 की चौथी यानी मार्च 2019 तिमाही में घटकर 5.8 फीसदी पर आ गई है। इससे पहले दिसंबर 2018 तिमाही में यह 6.6 फीसदी थी।

रॉयटर्स ने इकोनॉमिस्टस पर एक सर्वे किया था जिन्होंने अनुमान लगाया था कि मार्च 2019 तिमाही में GDP की ग्रोथ रेट 6.3 फीसदी रह सकती है।

भारतीय अर्थव्यवस्था की ग्रोथ चीन से कम रह गई है। मार्च 2019 तिमाही में चीन की आर्थिक ग्रोथ 6.4 फीसदी थी। आज जारी आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि फिस्कल ईयर 2019 में अर्थव्यवस्था की ग्रोथ 6.8 फीसदी रही। सालान GDP 5 साल में घटकर सबसे कम हो गई है।

सेंट्रल स्टैस्टिक्स ऑफिस (CSO)के मुताबिक, रियल या इनफ्लेशन एडजस्ट करने के बाद फिस्कल ईयर 2018-19 में GDP की ग्रोथ 6.8 फीसदी रही है। पिछले साल GDP की ग्रोथ रेट 7.2 फीसदी थी।

फिस्कल ईयर 2013-14 के बाद पहली बार भारतीय के एनुअल GDP घटकर इस लेवल पर आया है। मार्च तिमाही के GDP डाटा की बात करें तो यह अप्रैल-जून 2018 के बाद सबसे कम है। अर्थव्यवस्था में सुस्ती के संकेत पिछले साल से ही नजर आने लगे थे। अक्टूबर-दिसंबर 2018 के दौरान GDP की ग्रोथ रेट 6.6 फीसदी थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निर्मला सीतारमण को फाइनेंस मिनिस्ट्री की जिम्मेदारी सौंपी है। यह पहले देश की डिफेंस मिनिस्टर थीं।


सरकार ने भी माना है कि इकोनॉमिक ग्रोथ धीमी पड़ी है मगर इसके लिए उसने NBFC संकट को जिम्मेदार ठहरा दिया है। आर्थिक मामलों के सचिव एस सी गर्ग ने कहा है कि अस्थायी कारणों से Q4 में GDP ग्रोथ घटी है। NBFC संकट के चलते कर्ज लेने वालों की संख्या घटी और NBFC संकट से इकोनॉमिक गतिविधियां धीमी पड़ीं।
-¤WA9 3964  NBFC संकट का असर मैन्युफैक्चरिंग सहित दूसरे सेक्टर्स पर पड़ा। 

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