टैक्स से अच्छी इनकम होने के कारण फिस्कल ईयर 2022 के पहले पांच महीनों में सरकार की वित्तीय स्थिति मजबूत बनी हुई है। फिस्कल ईयर 2022 में अप्रैल से अगस्त से बीच फिस्कल डेफेसिट 4.7 लाख करोड़ रुपए रहा।
टैक्स से अच्छी इनकम होने के कारण फिस्कल ईयर 2022 के पहले पांच महीनों में सरकार की वित्तीय स्थिति मजबूत बनी हुई है। फिस्कल ईयर 2022 में अप्रैल से अगस्त से बीच फिस्कल डेफेसिट 4.7 लाख करोड़ रुपए रहा।
यह पूरे साल के अनुमान का 31% है। पिछले साल इन्हीं 5 महीनों के दौरान सरकार का वित्तीय घाटा 109% था। इसका मतलब था कि पिछले साल सिर्फ 5 महीनों में ही वित्तीय घाटा बजट के अनुमान से ज्यादा हो गया था। सरकार ने 30 सितंबर को जो आंकड़े जारी किए थे उसके हिसाब से यह पता चला।
फिस्कल डेफेसिट के मायने केंद्र सरकार की आमदनी और खर्चों का अंतर है। फिस्कल ईयर 2021 में फिस्कल डेफेसिट रिवाइज करके 18.49 करोड़ रुपए कर दिया गया था दो GDP का 9.5% था। पहले बजट में फिस्कल डेफेसिट 7.96 लाख करोड़ रुपए रहने का अनुमान था जो GDP का 3.5% था।
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