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Retrospective tax: कंपनियों पर अब पुरानी तारीख से नहीं लगेगा टैक्स, जानिए क्या बदलेगा

सरकार को हाल ही में एक विदेशी आब्रिट्रेशन ट्राइब्यूनल ने केयर्न एनर्जी को 1.7 अरब डॉलर वापस करने का आदेश दिया था

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 06, 2021 पर 2:36 PM
Retrospective tax: कंपनियों पर अब पुरानी तारीख से नहीं लगेगा टैक्स, जानिए क्या बदलेगा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में गुरुवार को एक बिल पेश किया जिससे रेट्रोस्पेक्टिव टैक्स को लेकर केयर्न एनर्जी, वोडाफोन ग्रुप और 15 अन्य कंपनियों के साथ बड़े विवादों को निपटाने में मदद मिल सकती है। रेट्रोस्पेक्टिव टैक्स पिछली तारीख से किसी कंपनी पर टैक्स लगाने को कहा जाता है।

टैक्सेशन लॉज (अमेंडमेंट) बिल का उद्देश्य 2012 में टैक्स चोरी के खिलाफ लागू किए गए कानून में एक संशोधन के पिछली तारीख से इस्तेमाल के कारण टैक्स डिमांड को रद्द करना है।

इस संशोधन का लक्ष्य भारतीय एसेट्स से जुड़ी विदेशी ट्रांजैक्शंस पर देश में टैक्स वसूलना था। इनमें कानून में बदलाव से पहले हुई ट्रांजैक्शंस भी शामिल थी।

नए बिल के तहत, केंद्र में यूनाइटेड प्रोग्रेसिव अलायंस की पूर्व सरकार के दौरान इनकम टैक्स एक्ट में मई 2012 में किए गए संशोधन से पहले हुई विदेशी ट्रांजैक्शंस पर टैक्स क्लेम को रद्द किया जाएगा। हालांकि, इसके साथ कुछ शर्तें जुड़ी होंगी। मई 2012 के बाद भारतीय एसेट्स से जुड़ी विदेशी ट्रांजैक्शंस पर टैक्स देनदारी जारी रहेगी।

सीतारमण ने कहा कि टैक्स क्लेम को वापस लेने के लिए शर्तों में विवाद उठाने वाले पक्ष की ओर से इससे जुड़े लंबित कानूनी मामलों को वापस लेना या वापस लेने के लिए शपथपत्र देना शामिल है। विवादों के आपसी सहमति से निपटारे के लिए सरकार इन मामलों में चुकाई गई रकम का बिना इंटरेस्ट के रिफंड भी करेगी।

आब्रिट्रेशन के एक मामले में हार के बाद सरकार को केयर्न एनर्जी को 1.7 अरब डॉलर का भुगतान करने का आदेश दिया गया था। कंपनी ने फ्रांस में पेरिस के एक कोर्ट से भारतीय एसेट्स को जब्त करने का ऑर्डर भी हासिल किया था।

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