भारत के पूर्व कप्तान कपिल देव (Kapil Dev) का मानना है कि वह अपने साथी ऑलराउंडर रिचर्ड हैडली (Richard Hadlee), इमरान खान (Imran Khan) और इयान बॉथम (Iam Botham) की तुलना में बेहतर एथलीट (Athlete) थे। कपिल देव ने हालांकि माना कि वह शानदार एथलीट नहीं थे, लेकिन बेशक इन चारों में वह सबसे बेहतर एथलीट थे। 61 वर्षीय इस पूर्व कप्तान ने बाकी तीन ऑलराउंडर्स की क्षमताओं की खूब तारीफ की। उन्होंने सर हेडली को सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज बताया और इमरान खान को सबसे मेहनती खिलाड़ी करार दिया।
कपिल ने कहा कि हम चारों में रिचर्ड हेडली सबसे बढ़िया गेंदबाज थे। वह कंप्यूटर की तरह थे। मैं यह नहीं कहूंगा कि इमरान खान बेस्ट एथलीट थे या सबसे नेचुरल थे, लेकिन वह सबसे मेहनती खिलाड़ी थे। कपिल देव ने कहा कि जब उन्होंने शुरुआत की तो वह एक साधारण गेंदबाज की तरह दिखे, लेकिन फिर वह बहुत मेहनती तेज गेंदबाज बन गए और उन्होंने खुद से सीखा। और फिर उन्होंने अपनी बल्लेबाजी पर भी काम किया।
बता दें कि क्रिकेट में एक दौर ऑलराउंडर्स का था। उस समय इंग्लैंड से सर इयान बॉथम, न्यूजीलैंड के सर रिचर्ड हेडली, पाकिस्तान के वर्तमान प्र्धानमंत्री इमरान खान और भारत के वर्ल्ड कप विजेता कप्तान कपिल देव का नाम हरफनमौला खिलाड़ियों की चौकड़ी में लिया जाता था। इसमें तुलना होती थी और एक तरह की प्रतिस्पर्धा देखी जाती थी। सबने अलग-अलग मुकाम हासिल किए और अपने-अपने देशों के लिए कई यादगार प्रदर्शन किए।
वहीं, कपिल देव के मुताबिक महान खिलाड़ी भारत रत्न सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) इतने निष्ठुर नहीं थे कि वह अपने शतक को 200 या 300 में बदल सकें। पूर्व भारतीय बल्लेबाज और महिला टीम के मौजूदा कोच डब्ल्यू वी रमन (WV Raman) के साथ बातचीत में कपिल ने कहा कि सचिन के पास जितनी प्रतिभा थी उतनी मैंने किसी और में नहीं देखी। वह जानते थे कि शतक कैसे लगाना है, लेकिन वह कभी निष्ठुर बल्लेबाज नहीं बने। सचिन के पास क्रिकेट में सब कुछ था। वह शतक बनाना जानते थे लेकिन उस शतक को दोहरे शतक और तिहरे शतक में बदलना उन्हें नहीं आता था।
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