भारत में पिछले 8 दिनों में कोरोना के मामले 6 गुना से अधिक की रफ्तार से बढ़े हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि 29 दिसंबर को देश में कोरोना मामलों की पॉजिटिविटी दर 0.79 पर्सेंट थी। यानी 29 दिसंबर को 100 लोगों के कोरोना टेस्ट कराने पर सिर्फ 0.79 लोग कोरोना पॉजिटिव निकल रहे थे। लेकिन अब यह पॉजिटिविटी दर बढ़कर 5.03 पर्सेंट हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इस तरह कोरोना मामलों के साथ पॉजिटिलिटी रेट में भी 6 गुना से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, झारखंड और गुजरात में कोरोना मामले बढ़ते दिख रहे हैं, जो चिंता का विषय है। मंत्रालय ने बताया कि इस समय देश के 28 जिलों में पॉजिटिविटी रेट 10 पर्सेंट से अधिक है। वहीं पश्चिम बंगाल में सभी राज्यों के मुकाबले सबसे अधिक पॉजिटिविटी रेट है।
मंत्रालय ने यह भी बताया कि फिलहाल मरीजों के अस्पताल में भर्ती होने की दर 4 पर्सेंट है, जबकि पिछले साल दूसरी लहर के पीक के दौरान यह दर 20 पर्सेंट थी।
स्वास्थ्य मंत्रालय के ज्वाइंट सेक्रेटरी लव अग्रवाल ने बताया कि बुधवार तक देश में कोरोना वायरस के 2,14,000 एक्टिव मामले हैं। एक सप्ताह पहले यह संख्या 77 हजार थी। पिछले एक सप्ताह में औसत देखें तो रोजोना 29,925 मामले दर्ज किए गए हैं। पिछले 24 घंटों में देश में 58,097 मामले दर्ज किए गए हैं।
लव अग्रवाल ने बताया, "पिछले सप्ताह 2 राज्य ऐसे थे जहां एक्टिव मामले 10 हजार से अधिक थे। अब ऐसे राज्य बढ़कर 6 हो गए हैं। वहीं 2 राज्यों में 5-10 हजार एक्टिव मामले हैं। महाराष्ट्र में सप्ताह के आधार पर एक्टिव मामलों में 4 गुना बढ़ोतरी हुई है। पश्चिम बंगाल में भी एक्टिव मामलों में 3.4 गुना बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में एक्टिव मामलों में 9 गुना बढ़ोतरी दर्ज़ की गई है।"
लव अग्रवाल ने आगे बताया कि देश में अब तक 2135 ओमिक्रॉन मामले दर्ज किए गए हैं जिसमें से 828 मामले रिकवर हो चुके हैं। इस बीच देश में कोरोना वायरस के ओमीक्रोन वेरिएंट से पहली मौत की बुधवार को पुष्टि की गई। यह मौत राजस्थान के उदयपुर में पिछले सप्ताह हुई, जिसके नमूने की जांच के बाद बुधवार को पता चला कि मरीज ओमीक्रोन वेरिएंट से संक्रमित था।