India Services PMI : जुलाई में सर्विसेज PMI 60.5 से घटकर 60.3 पर आई, कंपोजिट PMI में भी आई कमी

Services PMI : महंगाई में तेज बढ़त और घरेलू ऑर्डरों में कमी के कारण मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का इंडेक्स भी जुलाई में थोड़ा कम होकर 58.1 पर आ गया है, जबकि पिछले महीने यह 58.3 पर था। हालांकि सर्विस सेक्टर की बात करें तो एक्सपोर्ट ने गति बनाए रखने में मदद की है। 50 का स्तर सर्विस सेक्टर की गतिविधि में विस्तार और संकुचन के विभाजक रेखा का काम करता है

अपडेटेड Aug 05, 2024 पर 11:43 AM
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Services PMI : महंगाई में तेज बढ़त और घरेलू ऑर्डरों में कमी के कारण मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का इंडेक्स भी जुलाई में थोड़ा कम होकर 58.1 पर आ गया है, जबकि पिछले महीने यह 58.3 पर था

Services PMI for July : जुलाई में भारत की सर्विसेज PMI जून के 60.5 से घटकर 60.3 पर आ गई है। जुलाई में भारत के सर्विस सेक्टर की गतिविधियों में हल्की सुस्ती देखने को मिली है। आज आए एक प्राइवेट सर्वे के नतीजों के मुताबिक पिछले वित्त वर्ष में सर्विस सेक्टर का एक्सपोर्ट प्रदर्शन, वस्तुओं के निर्यात से बेहतर रहा है। 5 अगस्त को जारी एक प्राइवेट सर्वे के नतीजों के मुताबिक जुलाई में भारत के सर्विसेज सेक्टर की गतिविधि घटकर 60.3 पर आ गई। जबकि पिछले महीने यह 60.5 पर थी। एचएसबीसी इंडिया सर्विसेज बिजनेस एक्टिविटी इंडेक्स साल की शुरुआत से ही 60 से ऊपर बना हुआ है।

Services PMI 50 के स्तर से ऊपर कायम

बता दें कि 50 का स्तर सर्विस सेक्टर की गतिविधि में विस्तार और संकुचन के विभाजक रेखा का काम करता है। यानी सर्विसेज PMI की 50 से ऊपर की रीडिंग सर्विस सेक्टर की गतिविधि में विस्तार का संकेत देती है। जबकि 50 से नीचे की रीडिंग सर्विस सेक्टर की गतिविधि में संकुचन का संकेत होती है।


जुलाई में कंपोजिट PMI  60.9 से घटकर 60.7 पर आई

जुलाई में महीने में कंपोजिट PMI में भी नरमी देखने को मिली है ये जून के 60.9 से घटकर 60.7 पर आ गई है। बता दें कि कम्पोजिट पीएमआई, सर्विसेज PMI और मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई का योग होती है।

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एक्सपोर्ट में बढ़त ने गति बनाए रखने में की मदद

महंगाई में तेज बढ़त और घरेलू ऑर्डरों में कमी के कारण मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का इंडेक्स भी जुलाई में थोड़ा कम होकर 58.1 पर आ गया है, जबकि पिछले महीने यह 58.3 पर था। हालांकि सर्विस सेक्टर की बात करें तो एक्सपोर्ट ने गति बनाए रखने में मदद की है। वित्त वर्ष 2024 में सर्विस सेक्टर से होने वाला एक्सपोर्ट 5 प्रतिशत बढ़कर 341.1 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया। जबकि पिछले वित्त वर्ष में वस्तुओं के निर्यात में गिरावट आई थी। सरकार दशक के अंत तक सेवाओं के निर्यात में 1 ट्रिलियन डॉलर तक की बढ़त का लक्ष्य लेकर चल रही है।

भारत के सर्विस सेक्टर से वित्त वर्ष 2025 में विकास की गति को बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है। देश ने लगातार चौथे साल 7 फीसदी से अधिक का ग्रोथ लक्ष्य रखा है।

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