Indian Railway: इंडियन रेलवे में इन दिनों काफी बदलाव देखने को मिल रहा है। स्टेशन हो या ट्रेन हर जगह टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है। अब देश में डिजिटल की हवा चल रही है तो फिर आखिर रेलवे में इसमें कैसे पीछे रह सकता है। रेलवे अब टिकट सिस्टम को भी पूरी तरह से डिजिटल बनाने की तैयारी में है। ऐसे में आने वाले समय में प्रिटं वाले टिकट सिर्फ एक इतिहास बनकर रह जाएंगे। रेलवे ने अपने बाकी बचे प्रिंटिंग प्रेस को बंद करने का निर्णय लिया है। उम्मीद की जा रही है कि भविष्य में इसका ठेका प्राइवेट वेंडर्स को दिया जाएगा।
दरअसल, साल 2017 रेलमंत्री पीयूष गोयल ने रेलवे के नियंत्रण वाले सभी प्रिंटिंग प्रेस को बंद करने की सरकार की मंशा जताई थी। सरकार ने कहा था कि वह प्रिंटिंग प्रेस का ठेका को तीसरे पार्टी को देना चाहती है। इसके बाद कई प्रिंटिंग प्रेस को बंद करने का फैसला लिया था । अब बाकी बचे प्रिंटिंग प्रेस को बंद करने का निर्णय लिया है।
रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि भायखला-मुंबई, हावड़ा, शकूरबस्ती-दिल्ली, रोयापुर-चेन्नई और सिकंदराबाद के रेलवे के प्रिंटिंग प्रेस बंद करने का फैसला लिया गया है। यहां से रेलवे के रिजर्व और अनरिजर्व टिकट छापे जाते हैं। इसके अलावा कैश रसीद बुक समेत 46 तरह के मनी वैल्यू डॉक्यूमेंट्स की छपाई होती है। 4 जून, 2019 को जारी पत्र में भी प्रिंटिंग प्रेस को बंद करने का फैसला किया गया था। अधिकारी ने आगे बताया कि प्रिंटिंग प्रेस को बंद करने का सैद्धांतिक फैसला साल 2019 में लिया गया था।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, रेल मंत्रालय ने कई बार बातचीत के बाद 14 प्रिंटिंग प्रेसों में से 9 को बंद करने का फैसला लिया था। बाकी 5 को अपने नियंत्रण में रख लिया था। अब इन्हें भी बंद करने का आदेश रेल मंत्रालय की ओर से दिया गया है।
ऑनलाइन टिकटों की बढ़ी बिक्री
रेलवे अब अपने सभी आरक्षित और अनारक्षित टिकटों को डिजिटल करने की तैयारी में है। इस बीच रेट टिकट और अन्य डॉक्यूमेंट्स RBS और RBI के प्रिटिंग प्रेस में छपेंगे। वहीं जानकारों का कहना है कि मौजूदा समय में 81 फीसदी टिकट ऑनलाइन बुक किए जा रहे हैं। 19 फीसदी टिकट काउंटर से लिए जाते हैं। रेलवे अब अपने टिकट सिस्टम को डिजिटल करने की तैयारी में है।