Indo-US Tariff Deal : अमेरिका चाहता है जीरो ड्यूटी रिजीम, जानिए इससे क्या हो सकता है नफा नुकसान

India America tariff deal : डॉनल्ड ट्रंप ने भारत समेत सभी देशों पर 2 अप्रैल से रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने का एलान किया है। यानि जितना टैक्स अमेरिका से इंपोर्ट होने वाले आइटम्स पर दूसरा देश लगाएगा। अमेरिका भी उस देश से इंपोर्ट होने वाले सामानों पर उतनी ही ड्यूटी ठोकेगा। वहीं दूसरी तरफ इंडो-यूएस ट्रेड डील के तहत अमेरिका भारत पर जीरो ड्यूटी की शर्त मानने के लिए दबाव बना रहा है

अपडेटेड Mar 08, 2025 पर 4:36 PM
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Tariff war : डॉनल्ड ट्रंप ने कई फोरम पर कहा है कि भारत अमेरिका से 100 फीसदी से ज्यादा टैरिफ लगाता है। हालांकि भारत ने अमेरिका से इंपोर्ट होने वाले कई आइटम्स के टैरिफ में कटौती की है

Zero duty regime : इंडो-यूएस टैरिफ डील में अमेरिका भारत से जीरो ड्यूटी रिजीम चाहता है ताकि टेस्ला जैसी कारों की भारत में आसान एंट्री हो सके। ऐसे में भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ डील में क्या कुछ हो सकता है, किसको कितनी राहत मिलेगी और इस डील से दोनों देशों के बीच कैसे समीकरण बन सकते हैं। आइए देखते हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भारत समेत सभी देशों पर 2 अप्रैल से रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने का एलान किया है। यानि जितना टैक्स अमेरिका से इंपोर्ट होने वाले आइटम्स पर दूसरा देश लगाएगा। अमेरिका भी उस देश से इंपोर्ट होने वाले सामानों पर उतनी ही ड्यूटी ठोकेगा। वहीं दूसरी तरफ इंडो-यूएस ट्रेड डील के तहत अमेरिका भारत पर जीरो ड्यूटी की शर्त मानने के लिए दबाव बना रहा है। जानकारों का कहना है कि भारत पर कौन सा टैरिफ लगेगा इसे लेकर कोई स्पष्टता नहीं है। जहां तक रेसिप्रोकल टैरिफ के असर की बात है तो इसका भारत के ट्रेड पर करीब 5 फीसदी का असर पड़ सकता है। इसलिए भारत को ऑटो कंपोनेंट्स,ऑटोमोबाइल और एग्री प्रोडक्ट्स पर जीरो ड्यूटी की मांग नहीं माननी चाहिए।

डॉनल्ड ट्रंप ने कई फोरम पर कहा है कि भारत अमेरिका से 100 फीसदी से ज्यादा टैरिफ लगाता है। हालांकि भारत ने अमेरिका से इंपोर्ट होने वाले कई आइटम्स के टैरिफ में कटौती की है। जिसमें बोरबॉन व्हिस्की पर ड्यूटी 150 फीसदी से घटाकर 70 फीसदी, हार्ले डेविडसन पर 50 फीसदी से घटाकर 30 फीसदी और लग्जरी कारों पर ड्यूटी 125 फीसदी से घटा कर 70 फीसदी तक की जा चुकी हैं। वहीं सीफूड्स, फिश, मीट, स्पाईसेज़ और बासमती राईस के एक्सपोर्ट पर अमेरिका 0.25 फीसदी से लेकर 5 फीसदी तक टैरिफ लगाता है। जबकि अमेरिका से भारत इम्पोर्ट होने वाले एग्री प्रोडक्ट्स जैसे सेब, बादाम, अखरोट, चेरी और क्रैनबेरी पर 30 फीसदी से लेकर 120 फीसदी तक टैरिफ हैं। सूत्रों के मुताबिक भारत भी अमेरिका के एग्री प्रोडक्ट पर ड्यूटी घटा सकता है।


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वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल फिलहाल वाशिंगटन के दौरे पर हैं जहां उन्होंने USTR यानि यूनाईटेड स्टेट ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव और अमेरिकी कॉमर्स सेकेरेट्री से हाईलेवल बैठक की है। माना जा रहा है कि इसके बाद ऑफिसर्स लेवल पर ट्रेड नेगोशिएशन की शुरुआत होगी। इसके तहत साल 2030 तक द्विपक्षीय ट्रेडको 500 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य है। Indo-US ट्रेड डील के तहत अगर जीरो ड्यूटी सहमति बनती है तो मौजूदा टैरिफ वार का द एंड हो सकता है।

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