पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के सहयोगी के घर पर CBI का छापा, जम्मू-कश्मीर और दिल्ली में 9 ठिकानों पर ली तलाशी

जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक (Satyapal Malik) की शिकायत पर दर्ज बीमा घोटाला मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इस क्रम में सीबीआई ने कथित बीमा घोटाला मामले में जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के तत्कालीन सहयोगी के परिसरों में तथा दिल्ली और जम्मू कश्मीर में 8 अन्य ठिकानों पर बुधवार को तलाशी ली

अपडेटेड May 17, 2023 पर 12:33 PM
CBI बीमा मामले में सत्यपाल मलिक के तत्कालीन प्रेस सचिव सुनक बाली के दिल्ली स्थित आवास पर छापेमारी कर रही है

Jammu-Kashmir Insurance Scam Case: जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक (Satyapal Malik) की शिकायत पर दर्ज बीमा घोटाला मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इस क्रम में सीबीआई ने कथित बीमा घोटाला मामले में जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के तत्कालीन सहयोगी के परिसरों में तथा दिल्ली और जम्मू कश्मीर में 8 अन्य ठिकानों पर बुधवार को तलाशी ली। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, सीबीआई बीमा मामले में सत्यपाल मलिक के तत्कालीन प्रेस सचिव सुनक बाली (Sunak Bali) के दिल्ली स्थित आवास पर छापेमारी कर रही है।

अधिकारियों ने पीटीआई को बताया कि सीबीआई की टीम ने पूर्व राज्यपाल के तत्कालीन सहयोगी के अवास पर तथा अन्य ठिकानों पर आज सुबह तलाशी अभियान शुरू किया। एजेंसी ने गत 28 अप्रैल को मलिक से पूछताछ की थी और आज यह कार्रवाई हो रही है।

केंद्रीय एजेंसी ने पिछले साल अक्टूबर में मलिक के बयान भी दर्ज किए थे। आपको बता दें कि मलिक ने कथित तौर पर एक ग्रुप मेडिकल इंश्योंरंस स्कीम तथा लोक निर्माण कार्यों के लिए ठेकों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। सीबीआई ने इस संबंध में दो FIR दर्ज की हैं। एजेंसी ने इससे पहे अप्रैल 2022 में 14 स्थानों पर तलाशी ली थी।


सत्यपाल मलिक तब से खबरों में हैं जब उन्होंने दावा किया था कि फरवरी 2019 में पुलवामा आतंकी हमले को रोका जा सकता था अगर केंद्र ने CRPF कर्मियों को शिफ्ट करने के लिए विमान के अनुरोध को ठुकराया नहीं होता।

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में फरवरी 2019 में सुरक्षा बलों के काफिले पर आतंकवादी हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 40 जवान शहीद हो गए थे। मलिक उस वक्त जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल थे। उन्होंने इस हमले के सिलसिले में हाल में खुफिया सूचना की नाकामी का आरोप लगाया था।

उन्होंने यह भी कहा था कि केंद्र सरकार ने सुरक्षाकर्मियों की आवाजाही के लिए विमान देने से इनकार कर दिया था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उनके बयान के बाद कहा था कि हमसे अपना रास्ता अलग करने के बाद वह आरोप लगा रहे हैं।

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वहीं, सत्यपाल मलिक ने कहा है कि यह कहना गलत है कि वह यह पद छोड़ने के बाद ही 2019 के पुलवामा आतंकी हमले को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह कहना गलत है कि मैं यह मुद्दा तब उठा रहा हूं जब मैं सत्ता में नहीं हूं। मलिक ने कहा कि उन्होंने यह मुद्दा हमले के दिन भी उठाया था।

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