मनी लॉन्डरिंग केस में फंसे पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम को गुरुवार को स्पेशल सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया। सीबीआई की ओर से उनकी पांच दिनों की कस्टडी मांगने के बाद कोर्ट ने उन्हें चार दिनों की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया है। कोर्ट ने कहा है कि उनका परिवार रोज उनसे इन चार दिनों में 30 मिनट के लिए मिल पाएगा।

कोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। इसके लगभग एक घंटे बाद कोर्ट ने फैसला सुनाया कि पूर्व वित्त मंत्री को चार दिनों की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया जाए।

बता दें कि सुनवाई में सीबीआई ने कहा था कि चिदंबरम जांच में सहयोग नहीं दे रहे हैं, इसलिए उसे पूछताछ के लिए पांच दिनों की कस्टडी चाहिए।

सीबीआई ने इसके पहले उनसे तीन घंटे की पूछताछ की थी। सीबीआई की तरफ से पेश हो रहे सीनियर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि इस स्कैम को रचने में चिदंबरम का भी हाथ है।

चिदंबरम को गिरफ्तार करने के कदम पर सीबीआई ने कहा कि उनके खिलाफ गैर-जमानती वॉरंट जारी किया गया था, जिसके आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया गया।

चिदंबरम की ओर से पेश हो रहे कपिल सिब्बल ने कहा कि इस केस में कार्ति चिदंबरम आरोपी हैं, वो भी रेगुलर हाईकोर्ट से मिली जमानत पर हैं। बाकी आरोपी रमन भास्कर, पीटर और इंद्राणी मुखर्जी भी जमानत पर हैं।

उन्होंने कहा कि चिदंबरम ने जांच में हमेशा सहयोग किया है। उन्होंने सीबीआई पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसे नहीं पता था कि उसे क्या सवाल पूछने हैं। पूछताछ में उनसे 12 सवाल पूछे गए, जिनमें से छह के सवाल पहले ही दिए जा चुके हैं।

सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।