IRCTC: त्योहारों का मौसम आ गया है और इसके साथ ही शहरों से अपने घर गांव या राज्य में जानें वाले लोगों की संख्या भी बढ़ने लगेगी। इस साल आने-जाने के लिए लिमिटेड ट्रेन टिकट मिल रही है और ऐसी उम्मीद है कि दलाल भी त्योहारों के कारण एक्टिव हो गए हैं। दलाव वह लोग होतें हैं जो गैरकानूनी तरीके से ऊंची कीमत पर रेल टिकट बेचते हैं। वे अक्सर रेलवे स्टेशनों के बाहर या बस स्टॉप पर काम करते हैं। वे कई बार बिना बात का दबाव यात्रियों पर बनाते हैं कि कोई टिकट नहीं है या रेल टिकट पाने का एकमात्र तरीका यही है कि उनसे ही इसे खरीदना होगा।
IRCTC यूजर्स ऐसे बचे सकते हैं दलालों से
रेल टिकट केवल रजिस्टर सोर्स से ही खरीदें जैसे आईआरसीटीसी वेबसाइट या ऐप से ही लें।
कभी भी दलालों से टिकट न खरीदें, चाहे वे कितना भी डराएं या टिकट लेने के लिए प्रेरित करें।
यदि कोई दलाल आपसे संपर्क करता है, तो विनम्रतापूर्वक मना कर दें और चले जाएं।
किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना रेलवे अधिकारियों को दें।
दलालों पर नियंत्रण के लिए सरकार उठा रही है ये कदम
दलालों को रोकने के लिए सरकार ने कई कड़े कदम उठाएं हैं।
दलालों के प्रभाव को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने उन पर कड़ी कार्रवाई भी की है।
ऑपरेशन उपलब्ध (Operation Uplabdh): यह ई-टिकटिंग दलालों पर नकेल कसने के लिए जुलाई 2022 में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के साथ शुरू किया गया एक मिशन-मोड ऑपरेशन था। इस ऑपरेशन के तहत आरपीएफ ने 1,000 से अधिक दलालों को गिरफ्तार किया और 1 करोड़ रुपये से अधिक कैश जब्त किया।
यात्रियों के लिए आईडी कार्ड दिखाना अनिवार्य: सरकार ने यात्रियों के लिए टिकट बुक करते समय अपना आईडी कार्ड दिखाना अनिवार्य कर दिया है। ऐसा इसलिए किया गया ताकि दलालों के लिए दूसरे लोगों के नाम पर टिकट बुक करना और अधिक कठिन हो जाए।
आईआरसीटीसी वेबसाइट और ऐप में किया गया सुधार: भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम (IRCTC) सरकारी एजेंसी है जो रेलवे टिकटों की बुकिंग को मैनेज करती है। सरकार ने यात्रियों के लिए सीधे टिकट बुक करना आसान बनाने के लिए आईआरसीटीसी वेबसाइट और ऐप की क्वालिटी में सुधार किया है।
इन उपायों से रेलवे टिकट दलालों के कामकाज पर काफी असर पड़ा है। अब इनकी संख्या में भी कमी आई है। सरकार दलाली पर नकेल कसने के लिए आगे की कार्रवाई करने और यह तय करती है कि यात्रियों की यात्रा सरल हो।