KK Venugopal: वरिष्ठ वकील केके वेणुगोपाल 3 महीने और भारत के अटॉर्नी जनरल बने रहेंगे, केंद्र ने की थी गुजारिश

वेणुगोपाल को भारत के राष्ट्रपति द्वारा जुलाई 2017 में भारत के लिए अटॉर्नी जनरल के रूप में नियुक्त किया गया था। उन्होंने मुकुल रोहतगी की जगह ली थी। अटॉर्नी जनरल का कार्यकाल आमतौर पर 3 साल का होता है

अपडेटेड Jun 29, 2022 पर 3:42 PM
वेणुगोपाल का एक वर्ष का वर्तमान कार्यकाल 30 जून को समाप्त होने वाला है

वरिष्ठ वकील केके वेणुगोपाल (KK Venugopal) तीन महीने और भारत के अटॉर्नी जनरल बने रहेंगे। उनका कार्यकाल 30 जून यानी गुरुवार को समाप्त हो रहा है। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, केंद्र सरकार ने अटॉर्नी जनरल बने रहने के लिए वेणुगोपाल से अनुरोध किया था, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है। पिछले साल भी वेणुगोपाल का कार्यकाल एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया था।

वेणुगोपाल को भारत के राष्ट्रपति द्वारा जुलाई 2017 में भारत के लिए अटॉर्नी जनरल के रूप में नियुक्त किया गया था। उन्होंने मुकुल रोहतगी की जगह ली थी। अटॉर्नी जनरल का कार्यकाल आमतौर पर तीन साल का होता है।

जब साल 2020 में अटॉर्नी जनरल के रूप में वेणुगोपाल का पहला कार्यकाल समाप्त होना था, तो उन्होंने केंद्र सरकार से उनकी बढ़ती आयु को ध्यान में रखते हुए एक वर्ष का कार्यकाल देने का अनुरोध किया था। फिलहाल, वह 91 साल के हैं।


वेणुगोपाल सुप्रीम कोर्ट में चर्चित मामलों को संभाल रहे हैं। सरकार उनके अनुभव को देखते हुए उन्हें एक और कार्यकाल देने का फैसला किया है। अब वो तीन महीने के लिए फिर से इस संवैधानिक पद पर नियुक्त किए गए हैं।

पिछले दिनों कानून मंत्रालय ने सरकार को सूचित किया है कि उनका कार्यकाल 30 जून को समाप्त हो रहा है और इस पद पर नियुक्ति की आवश्यकता है। उन्होंने पहली बार 1 जुलाई, 2017 को मुकुल रोहतगी के स्थान पर केंद्र सरकार के शीर्ष कानूनी अधिकारी, अटॉर्नी जनरल के रूप में पदभार संभाला था।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।