Lightning Strikes In UP: उत्तर प्रदेश से एक दुखद खबर सामने आई है, जहां बुधवार यानी 10 जुलाई को सिर्फ एक दिन में बिजली गिरने से अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 38 लोगों की मौत हो गई। ये मौतें ऐसे समय हुई हैं, जब यूपी में बाढ़ के कारण सामान्य जनजीवन ठप हो गया है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार को गिरी आकाशीय बिजली की वजह से सबसे अधिक मौत यूपी के प्रतापगढ़ जिले में हुई है। इसके बाद दूसरे नंबर पर सुल्तानपुर के लोग निशाना बने। मौतों के बाद उनके शवों को एकत्र कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।
प्रतापगढ़ में बिजली गिरने से सबसे अधिक 11 लोगों की मौत हुई। इसके बाद सुल्तानपुर में 7, चंदौली में 6, मैनपुरी में 5, प्रयागराज में 4, औरैया, देवरिया, हाथरस, वाराणसी और सिद्धार्थनगर में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई। मौत के अलावा इन जिलों में दर्जनों लोग झुलस गए हैं। प्रतापगढ़ में पांच अलग-अलग क्षेत्रों में मौतें हुईं। एक अधिकारी ने बताया कि सभी के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
इस बीच, पूर्वी उत्तर प्रदेश के चंदौली में भी कई लोग घायल हो गए। उनका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। जिले में बुधवार को शाम 4 बजे से शाम 6 बजे के बीच भारी बारिश हुई और बिजली भी गिरी। अधिकांश पीड़ितों में 13 और 15 साल के दो चचेरे भाई शामिल हैं, जो खेत पर काम करते समय या मछली पकड़ते समय बिजली गिरने से मारे गए।
सुल्तानपुर में हुई 7 मौतों में तीन बच्चे थे। पीड़ित उस समय बिजली की चपेट में आए जब वे धान की रोपाई कर रहे थे या आम तोड़ने या पानी लाने गए थे। बुधवार को भारी बारिश के दौरान एक पेड़ के नीचे शरण ले रही एक महिला की बिजली गिरने से मौके पर ही मौत हो गई। औरैया में बारिश के दौरान आम के पेड़ के नीचे शरण ले रहे 14 वर्षीय लड़के की मौत हो गई।
देवरिया जिले में खेत की ओर जाते समय बिजली गिरने से 5 वर्षीय लड़की की मौत हो गई, जहां उसके परिवार के सदस्य पहले से ही मौजूद थे। इसके अलावा वाराणसी में दो भाई बिजली की चपेट में आ गए। वहीं, एक की जलने से मौत हो गई जबकि दूसरे का इलाज चल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले पांच दिनों में उत्तर प्रदेश और उसके आसपास के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में और अधिक मूसलाधार बारिश जारी रहने का अनुमान लगाया है।