केंद्र सरकार ने शुक्रवार को लोकसभा में तीन तलाक बिल पेश कर दिया है। कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक-2019 को पेश किया।
केंद्र सरकार ने शुक्रवार को लोकसभा में तीन तलाक बिल पेश कर दिया है। कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक-2019 को पेश किया।
इस बिल में तीन तलाक को अवैध घोषित किया गया है इसके लिए पति को तीन साल तक की जेल की सजा का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि इस बिल से मुस्लिम महिलाओं को न्याय मिलेगा।
इस बिल के विरोध में 74 सांसदों ने वोट किया है। कांग्रेस और AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ने इसका पुरजोर विरोध किया।
बिल पेश करते ही कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि वो तीन तलाक के विरोध में हैं, लेकिन इसे अपराध घोषित करने का समर्थन नहीं करते। उन्होंने कहा कि ऐसा बिल हर समुदाय और धर्म की महिलाओं की भलाई के लिए होना चाहिए।
वहीं, AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि इस बिल से सरकार का मुस्लिम महिलाओं की भलाई करने का इरादा नहीं है, वह मुस्लिम पुरुषों को परेशान करना चाहती है। ओवैसी ने इस बिल को मुस्लिम पुरुषों के प्रति भेदभाव करने वाला बताया।
16वीं लोकसभा में हुआ था पेश, राज्यसभा में था लंबित
मोदी सरकार ने अपने पहले कार्यकाल में इस बिल को लोकसभा में पेश किया था, जिसे पास भी कर दिया गया था लेकिन ये बिल राज्यसभा में अटक गया था। फिर पिछले महीने 16वीं लोकसभा का कार्यकाल पूरा हो जाने की वजह से ये बिल लोकसभा में भी निष्प्रभावी हो गया, जिसके बाद अब सरकार ने इसे फिर आज लोकसभा में पेश किया है।
इसके साथ ही आज सदन में तमिलनाडु में चल रही पानी की भयंकर समस्या पर भी चर्चा होगी। चेन्नई में पानी की बहुत ही भयानक समस्या खड़ी हो गई है। यहां लोगों के नलों में पानी आना बंद हो गया है। लोग एक महीने बाद पानी लेकर आने वाले टैंकर की भी बुकिंग करा रहे हैं।
हिंदी में शेयर बाजार, स्टॉक मार्केट न्यूज़, बिजनेस न्यूज़, पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App डाउनलोड करें।