Liquor Ban in Madhya Pradesh : मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के 17 धार्मिश शहरों में शराबबंदी को लेकर जल्द ही बड़ा फैसला करने वाली है. एमपी के माहेश्वर में चल रही कैबिनेट में शराबबंदी के फैसले पर मुहर लगी है। इसके बाद उज्जैन, जबलपुर, मंदसौर समेत 17 शहरों में शराब पर पाबंदी लग जाएगी। हांलाकि अभी तक सरकार की ओर से इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
इन शहरों में बैन हो सकती है शराब
एमपी की मोहन यादव सरकार जिन शहरों में शराब पर पूरी तरह बैन लगाने जा रही है, उनमें उज्जैन, ओरछा, सलकनपुर, चित्रकूट, ओंकारेश्वर, महेश्वर, मैहर, अमरकंटक, मंदसौर के पशुपतिनाथ मंदिर क्षेत्र और संभावित रूप से आठ अन्य धार्मिक शहरों में लागू होने की संभावना है। ये शहर अपने धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध हैं। जहां उज्जैन और ओंकारेश्वर पूजनीय ज्योतिर्लिंग स्थल हैं, वहीं मैहर एक प्रमुख शक्तिपीठ है। ओरछा में राजा राम मंदिर है, जहां भगवान राम की राजा के रूप में पूजा की जाती है। महेश्वर देश के धार्मिक स्थलों में प्रमुख स्थान रखता है। अमरकंटक नर्मदा नदी का उद्गम स्थल है। मध्य प्रदेश सरकार देवी अहिल्या बाई की 300वीं जयंती मनाने के लिए खरगोन के महेश्वर में ‘गंतव्य कैबिनेट बैठक’ बुला रही है।
बता दें कि ये बैठक ऐतिहासिक महत्व रखती है क्योंकि 2003 के बाद महेश्वर में यह पहली कैबिनेट बैठक है। इस बैठक के दौरान सरकार 17 धार्मिक शहरों में शराबबंदी पर अंतिम निर्णय ले सकती है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नरसिंहपुर जिले में एक कार्यक्रम के दौरान इस निर्णय के संकेत दिए थे। कैबिनेट नई आबकारी नीति पर भी विचार-विमर्श करेगी, जिसमें शराबबंदी के कारण होने वाले संभावित राजस्व नुकसान की भरपाई के उपाय और शराब की दुकानों की नीलामी के लिए नए नियम शामिल हैं। सरकार देवी अहिल्याबाई की 300वीं जयंती पर उनकी विरासत और भारतीय इतिहास में उनके योगदान को सम्मानित करने के लिए विभिन्न योजनाएं शुरू करने की भी योजना बना रही है।