Mahakumbh 2025: क्या आप भी महाकुंभ जानें का प्लान कर रहे हैं? अब तीन शाही स्नान बचे हैं। ऐसे में महाकुंभ की तैयारी और प्लानिंग करके जाना बेहतर ऑप्शन होगा। ताकि, बाद में किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके। इस बुधवार की सुबह मौनी अमावस्या के दिन भगदड़ में करीब 30 लोगों की जान गई। भगदड़ मचने के बाद कल गुरवार एक बार फिर टेंटों में आग लगने की खबरें आई। अभी दो दिन पहले ही बुधवार की सुबह संगम में भगदड़ हुई थी, जिसमें मौनी अमावस्या के मौके पर पवित्र डुबकी लगाने के लिए लाखों श्रद्धालुओं की होड़ में 30 लोगों की मौत हो गई और 60 से अधिक घायल हो गए। अब मौनी अमावस्या के बाद 3 और शाही स्नान बचे हैं। ऐसे में अगर आप भी शाही स्नान के दिन महाकुंभ में डूबकी लगाने जा रहे हैं, तो ये गलतियां न करें। वरना आप बाद में परेशान हो सकते हैं।
महाकुंभ में टेंटों में लगी आग
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कल महाकुंभ एरिया के सेक्टर 22 में झूंसी छतनाग घाट और नागेश्वर घाट के पास भीषण आग लग गई और इसमें 12 टेंट जल गए। हालांकि, आग पर काबू पा लिया गया। महाकुंभ 2025 में आग लगने की यह तीसरी घटना है। इससे पहले, 19 जनवरी को सेक्टर 19 कैंपसाइट एरिया में लगभग तीन गैस सिलेंडरों के विस्फोट के बाद महाकुंभ में भीषण आग लग गई थी। फायर ब्रिगेड की तुरंत प्रतिक्रिया से आग पर काबू पा लिया। बुधवार की सुबह भगदड़ में 30 लोगों को जान चली गई और 60 लोग घायल हो गए।
सोमवार 3 अप्रैल – बसंत पंचमी के दिन है शाही स्नान
संगम में आयोजित हो रहे महाकुंभ मेले का तीन स्नान हो चुके हैं। अब 3 फरवरी को बसंत पंचमी का चौथा स्नान पर्व है। यह अखाड़ों का तीसरा और अंतिम अमृत स्नान भी है। साधु संतों का कहना है कि 144 सालों के बाद पूर्णकुंभ का आयोजन हो रहा है। साधु संतों ने कहा है कि जो भी सनातन के प्रति आस्था रखते हैं उन्हें महाकुम्भ मेले में जरूर आकर आस्था की डुबकी लगानी चाहिए।
महाकुंभ के कितने शाही स्नान बचे हैं (Mahakumbh Shahi Snan Dates February 2025)
सोमवार 3 फरवरी 2025- बसंत पंचमी (शाही स्नान)
बुधवार 12 फरवरी 2025 - माघ पूर्णिमा (पर्व स्नान)
बुधवार 26 फरवरी 2025 - महाशिवरात्रि (पर्व स्नान)
महाकुंभ का कब है अंतिम दिन(Mahakumbh Last Date 2025)
महाकुंभ 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के स्नान के साथ खत्म होगा। महाकुंभ मेले की शुरुआत 13 जनवरी 2025 को हुई थी। महाकुंभ करीब डेढ़ महीने चला है।
भीड़ ज्यादा होने के कारण लोगों को मेला प्रशासन के बनाए गए नियमों का भी पालन करना चाहिए। ताकि लोग सनातन धर्म के इस मेले में स्नान कर सकुशल वापस घर लौट सकें।
महाकुंभ मेले में बहुत भीड़ है। रोजाना करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु स्नान कर रहे हैं। ऐसे में अगर आप भगदड़ या किसी भी तरह की दुर्घटना से बचना चाहते हैं, तो सबसे पहले खुद को सतर्क रखें। अफवाहों पर ध्यान न दें। साथ ही स्नान के समय और रास्ते में जाते हुए लोगों के साथ धक्कामुक्की न करें।
अगर बुजुर्ग लोग स्नान के लिए जाना जाते हैं तो वह समय चुनें जब घाटों पर भीड़ कम हो। ताकि, उन्हें किसी तरह की परेशनी का सामना न करना पड़े। अपनों का साथ न छोड़ें।
महाकुंभ में श्रद्धालु संगम घाट पहुंचने के लिए अलग-अलग लेन से जाएं और अपनी लेन में बने रहें। अगर आप भीड़ में कोई परेशान कर रहा है या आपको कोई परेशानी है तो तुरंत पुलिस से संपंर्क करें। अपने टेंट में भी आसपास का ध्यान रखें क्योंकि टेंटों में भी आग लगने की खबरें आई है।