महाकुंभ से भर गया यूपी का खजाना! CM योगी ने बताई, कितनी हुई कमाई और कितना हुआ खर्चा

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहा महाकुंभ अब अपने अंतिम दौर में है, कुछ ही दिनों में इस भव्य आयोजन का समापन हो जाएगा। वहीं महाकुंभ को लेकर अब सीएम योगी ने बड़ा बयान दिया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमें हर 6 साल में कुंभ और हर 12 साल में महाकुंभ आयोजित करने का मौका मिलता है। हम जो भी गतिविधियां करते हैं, उससे हमारे पर्यटन को बढ़ावा मिलता है। महाकुंभ की वजह से यूपी की अर्थव्यवस्था बूस्टर मिला है

अपडेटेड Feb 14, 2025 पर 6:03 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
Mahakumbh 2025: महाकुंभ ने भर दिया यूपी सरकार का खजाना!

Mahakumbh 2025 : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहा महाकुंभ अब अपने अंतिम दौर में है। प्रयागराज में संगम के किनारे पिछले एक महीने से जारी महाकुंभ अब कुछ ही दिनों में समाप्त हो जाएगा। वहीं 144 साल बाद हो रहे इस महाकुंभ ने उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक बूस्टर देने का काम किया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने महाकुंभ को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। महाकुंभ को लेकर सीएम योगी ने कहा कि, कुछ लोग कुंभ पर उंगली उठाते हैं, ऐसे लोगों से हम कहना चाहते हैं कि कुंभ के आयोजन में 1500 करोड़ रुपये खर्च हुए और बदले में 3 लाख करोड़ का लाभ हो रहा रहा है।

सीएम योगी ने कही ये बात

जानकारी के मुताबिक महाकुंभ-2025 में पवित्र डुबकी लगाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 50 करोड़ पार कर गई है। ये भारत, चीन के बाद दुनिया की तीसरी बड़ी आबादी है। लखनऊ फ्लाई ओवर लोकार्पण कार्यक्रम में CM योगी ने कहा, "प्रयागराज महाकुंभ में 1 माह में 50 करोड़ श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। महाकुंभ से 50 करोड़ श्रद्धालु एक भारत श्रेष्ठ भारत का संदेश लेकर गए हैं। 50-55 करोड़ श्रद्धालुओं के आने से UP की अर्थव्यवस्था में 3 लाख करोड़ का लाभ मिलेगा। महाकुंभ के नाम पर दिए गए बजट से सिर्फ महाकुंभ में नहीं प्रयागराज के सुन्दरीकरण भी हुआ। 15 हजार करोड़ के खर्च से 3 लाख करोड़ का लाभ हुआ।"


3 लाख करोड़ का फायदा!

वहीं कार्यक्रम में मौजूद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि महाकुंभ के दौरान अकेले प्रयागराज ने 3 लाख करोड़ रुपये की जीडीपी वृद्धि में मदद की। पर्यटन एक ऐसा क्षेत्र है, जहां 49 प्रतिशत पूंजी निवेश रोजगार पैदा करने में खर्च किया जाता है। टैक्सी चालकों, रिक्शा चालकों और अन्य लोगों के लिए रोजगार के कई अवसर यहां पैदा हुए। हमारे देश की आर्थिक वृद्धि सीधे तौर पर बुनियादी ढांचे से जुड़ी हुई है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।