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Manmohan Singh: अमेरिका सहित विश्व मीडिया ने मनमोहन सिंह के निधन को कैसे कवर किया?

Manmohan Singh Death News: अमेरिका ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया है। विदेश मंत्री एंटोनी ब्लिंकन ने उन्हें दोनों देशों की द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी के सबसे बड़े समर्थकों में से एक बताया। भारत में आर्थिक सुधारों के पुरोधा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का गुरुवार (27 दिसंबर) रात अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में निधन हो गया। वह 92 वर्ष के थे

Akhileshअपडेटेड Dec 27, 2024 पर 5:33 PM
Manmohan Singh: अमेरिका सहित विश्व मीडिया ने मनमोहन सिंह के निधन को कैसे कवर किया?
Manmohan Singh Death News: पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के निधन पर अमेरिका सहित दुनिया भर के नेताओं ने शोक व्यक्त किया है

Manmohan Singh Death News: पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन पर अमेरिका, फ्रांस, कनाडा और श्रीलंका सहित दुनिया भर के नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। नेपाल, मालदीव तथा अफगानिस्तान सहित पड़ोसी देशों के नेताओं ने सिंह के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उनके योगदान और सिंह के साथ उनके देशों के मधुर संबंधों को याद किया। भारत में आर्थिक सुधारों के जनक मनमोहन सिंह का 26 दिसंबर की रात 92 साल की उम्र में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में निधन हो गया। उनके परिवार में उनकी पत्नी गुरशरण कौर और तीन बेटियां हैं। सिंह की पत्नी इतिहास की प्रोफेसर रही हैं। उनका अंतिम संस्कार 28 दिसंबर को किया जाएगा।

वैश्विक मीडिया ने क्या कहा?

अमेरिका अखबार 'न्यूयॉर्क टाइम्स' ने मनमोहन सिंह को एक "मृदुभाषी" और "बुद्धिमान" नेता बताया। अमेरिकी अखबार ने दिवंगत कांग्रेस नेता को "उन दूरगामी परिवर्तनों का श्रेय दिया, जिन्होंने उनके देश को चीन के साथ प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम एक आर्थिक महाशक्ति के रूप में उभरने में मदद की।" रिपोर्ट में घरेलू आतंकवाद (विशेषकर 2008 के मुंबई आतंकवादी हमले) तथा 2009 से 2014 तक के उनके दूसरे कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार घोटालों से निपटने के लिए सिंह प्रशासन की आलोचना पर भी प्रकाश डाला गया।

अमेरिका स्थित समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस (AP) ने भारतीय राजनीति में मनमोहन सिंह की यात्रा का खाका खींचा, जिसमें बताया गया कि कैसे प्रधानमंत्री द्वारा 1991 में किए गए आर्थिक सुधारों ने भारत में "संभावित आर्थिक संकट को टाल दिया"। इसके अलावा 'वाशिंगटन पोस्ट' ने सिंह के एक टेक्नोक्रेट से प्रधानमंत्री बनने के नाटकीय उदय को याद किया, तथा उन्हें भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने का श्रेय दिया।

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