Get App

‘एक्सीडेंटल PM नहीं थे मनमोहन’, प्रणब दा ने इंदिरा गांधी-नरसिम्हा राव से भी बताया था बेहतर

क्या मनमोहन वाकई एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर थे? इस सवाल का सबसे बेहतर जवाब मनमोहन सिंह कैबिनेट में मंत्री रहे और फिर बाद में देश के राष्ट्रपति बने प्रणब मुखर्जी ने अपनी किताब में दिया था। गठबंधन की सरकारों के दौर पर लिखी अपनी किताब में प्रणब मुखर्जी ने देश के लिए मनमोहन के योगदान को याद किया था। किताब का नाम है-THE COALITION YEARS.

Arun Tiwariअपडेटेड Dec 27, 2024 पर 10:40 AM
‘एक्सीडेंटल PM नहीं थे मनमोहन’, प्रणब दा ने इंदिरा गांधी-नरसिम्हा राव से भी बताया था बेहतर
प्रणब मुखर्जी मनमोहन सिंह की अगुआई वाली सरकार में कैबिनेट मंत्री थे

देश के 13वें प्रधानमंत्री (2004-2014) और वित्तीय सुधारों के प्रणेता मनमोहन सिंह का 92 वर्ष की उम्र में देहांत हो गया है। मूलरूप से अर्थशास्त्री रहे मनमोहन सिंह की मृत्यु के बाद देश के तमाम दिग्गज नेताओं ने श्रद्धांजलि दी है और पूर्व पीएम की उपलब्धियों को याद किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया पोस्ट में मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि दी है। मनमोहन सिंह के देहांत के साथ ही देशभर के मीडिया और सोशल मीडिया में एक टर्म वायरल हो रहा है। वह टर्म है 'एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर'। यह टर्म मनमोहन सिंह के मीडिया एडवाइजर रहे संजय बारू की किताब से निकला था जिस पर बाद में फिल्म भी बनी और खूब चर्चित हुई।

मनमोहन सिंह जिस यूपीए सरकार के प्रधानमंत्री रहे थे, उस पर भ्रष्टाचार के खूब आरोप लगे थे। इन आरोपों पर खुद मनमोहन ने कहा था कि वर्तमान मीडिया की तुलना में इतिहास उन्हें बेहतर रूप याद रखेगा। लेकिन क्या मनमोहन वाकई एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर थे? इस सवाल का सबसे बेहतर जवाब मनमोहन सिंह कैबिनेट में मंत्री रहे और फिर बाद में देश के राष्ट्रपति बने प्रणब मुखर्जी ने अपनी किताब में दिया था। गठबंधन की सरकारों के दौर पर लिखी अपनी किताब में प्रणब मुखर्जी ने देश के लिए मनमोहन के योगदान को याद किया था। किताब का नाम है-THE COALITION YEARS. दरअसल यह किताब प्रणब ने दो हिस्सों में लिखी थी जिसका पहला हिस्सा था THE TURBULENT YEARS 1980-1996। इसके बाद THE COALITION YEARS 1996 से 2012 तक की राजनीति पर लिखी गई थी।

'साहस और प्रतिबद्धता से भरे व्यक्ति हैं मनमोहन'

प्रणब ने मनमोहन के योगदान की जमकर प्रशंसा की थी और साफ कहा था-मनमोहन एक प्रखर राष्ट्रवादी, साहस और प्रतिबद्धता से भरे व्यक्ति थे और निश्चित तौर पर एक एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर नहीं थे। प्रणब ने एक चैप्टर में कई उदाहरणों के जरिए समझाया था कि क्यों मनमोहन सिंह एक एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर नहीं थे।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें