Monsoon Updates: भारत में सामान्य रहेगा दक्षिण पश्चिम मानसून, जून में सामान्य से कम होगी बारिश, IMD ने जारी किया फोरकास्ट

Monsoon Updates: मौसम विभाग ने बताया कि एक बार जब मानसून मजबूत हो जाएगा, हम उम्मीद कर रहे हैं कि मानसून 4 जून के आसपास केरल में पहुंच जाएगा। 1 जून से पहले, हम मानसून के आने की उम्मीद नहीं कर रहे हैं। इस साल मानसून सामान्य रहने की संभावना है। IMD ने बताया कि जून से सितंबर तक भारत में दक्षिण पश्चिम मानसून सामान्य रह सकता है

अपडेटेड May 26, 2023 पर 1:29 PM
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Monsoon Updates: भारत में सामान्य रहेगा दक्षिण पश्चिम मानसून

Monsoon Updates: भारतीय मौसम विज्ञान-विभाग (IMD) ने शुक्रवार को दक्षिण पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon) को लेकर अपने फोरकास्ट जारी किया है। IMD ने बताया कि भारत में जून में बारिश (Rain) सामान्य से कम रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में अगले कुछ दिनों तक बारिश होने की संभावना जताई है। IMD ने बताया कि जून से सितंबर तक भारत में दक्षिण पश्चिम मानसून सामान्य रह सकता है।

मौसम विभाग ने बताया कि एक बार जब मानसून मजबूत हो जाएगा, हम उम्मीद कर रहे हैं कि मानसून 4 जून के आसपास केरल में पहुंच जाएगा। 1 जून से पहले, हम मानसून के आने की उम्मीद नहीं कर रहे हैं। इस साल मानसून सामान्य रहने की संभावना है।

IMD के मुताबिक, इस साल के मानसूनी बरिश 4% के मॉडल एरर के साथ लॉन्ग पीरियड एवरेज यानि LPA का 96% रह सकती है।


IMD के फोरकास्ट की मुख्य बातें:

  • - भारत में जून में बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है।
  • - दक्षिण प्रायद्वीप, पश्चिमी राजस्थान, लद्दाख में जून में सामान्य से ज्यादा बारिश होने की संभावना है
  • - मई 2023 में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। पिछले सालों की तुलना में कम लू दर्ज की गई।
  • - पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में अगले कुछ दिनों तक बारिश होने की संभावना है।
  • - अंडमान समुद्र, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, दक्षिण बंगाल की खाड़ी में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां हैं।
  • - केरल में मानसून की शुरुआत 4 जून को हो सकती है।
  • - एल नीनो और भारतीय मानसून के बीच कोई संबंध नहीं है। प्रशांत महासागर के ऊपर एल नीनो के अनुकूल होने की स्थितियां 2024 तक बनी रहेंगी।
  • - जून से सितंबर तक भारत में दक्षिण पश्चिम मानसून के सामान्य रहने की संभावना है।
  • - उत्तर पश्चिमी भारत में कम बारिश का पूर्वानुमान, प्रायद्वीपीय भारत के लिए ज्यादा बारिश का पूर्वानुमान।
  • - उत्तर पश्चिमी भारत में LPA की 92% से कम बारिश होने की संभावना है।
  • - इसके अलावा मौसम विभाग ने ये भी बताया कि प्रशांत महासागर के ऊपर एल नीनो के अनुकूल होने की स्थितियां 2024 तक बनी रहेंगी।

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प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मौसम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि लेटेस्ट फोरकास्ट के मुताबिक, आने वाले मानसून सीजन के दौरान एल नीनों की स्थिति बनने की ज्यादा आशंका है।

हालांकि, उन्होंने ये भी बताया कि मानसून सीजन के दौरान हिंद महासागर के ऊपर पॉजिटिव IOD की स्थिति बनने के भी संकेत मिलते हैं, जिससे एल नीनो का असर कम रह सकता है।

क्या होता है एल नीनो?

एल नीनो प्रशांत महासागर के भूमध्यीय क्षेत्र में होने वाली एक समुद्री घटना है, जो दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट पर इक्वाडोर और पेरु देशों के तटीय समुद्री जल में कुछ सालों के अंतराल पर होती है। ये समुद्र में होने वाली उथल-पुथल है और इससे समुद्र के सतही जल का तापमान सामान्य से ज्यादा हो जाता है।

जब समुद्र की सतह का पानी ज्यादा गर्म होने लगता है, तो वह सतह पर ही रहता है। इस घटना के तहत समुद्र के नीचे के पानी को ऊपर आने के रुकावट पैदा होती है। एल-नीनो का एक सबसे बड़ा असर ये होता है कि बारिश के प्रमुख क्षेत्र बदल जाते हैं। मतलब ये कि दुनिया के ज्यादा वाले इलाकों में कम बारिश और कम बारिश वाले इलाकों में ज्यादा बारिश होने लगती है। कभी-कभी इसके उलट भी होता है। इसका सीधा असर खेती-बाड़ी पर पड़ता है।

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