Mumbai Stations: बदल जाएंगे मुंबई के 8 रेलवे स्टेशनों के नाम, यहां देखिए पूरी लिस्ट

Mumbai Stations: मुंबई में जिन रेलवे स्टेशनों के नाम अंग्रोजों के जमाने से चल रहे हैं। उनके नाम में बदलाव किया जा सकता है। इस लिस्ट में करीब 8 रेलवे स्टेशन शामिल हैं। महाराष्ट्र सरकार की आज कैबिनेट मीटिंग होगी। इसमें यह अहम फैसला लिया जा सकता है। राज्य सरकार के पास ब्रिटिश काल के रेलवे स्टेशनों के नाम बदलने का अधिकार है

अपडेटेड Mar 13, 2024 पर 11:52 AM
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Mumbai Stations: मुंबई सेंट्रल, सैंडहर्स्ट रोड, डॉकयार्ड, जैसे रेलवे स्टेशनों के नाम बदल दिए जाएंगे।

Mumbai Stations: मुंबई में कुछ रेलवे स्टेशनों के नाम में बदलाव हो सकता है। उन स्टेशनों के नाम बदले जाएंगे, जिन स्टेशनों के नाम अंग्रेजों के जमाने से चल रहे हैं। इसके लिए महाराष्ट्र सरकार की आज (13 मार्च 2024) कैबिनेट मीटिंग होने वाली है। इस बैठक कई अहम फैसले लिए जा सकते हैं। दरअसल, मुंबई में रेलवे स्टेशनों के नाम बदलने को लेकर 12 मार्च को मुख्यमंत्री के साथ बैठक हुई थी। इस बैठक में ब्रिटिश काल के रेलवे स्टेशनों के नाम बदलने पर चर्चा की गई थी। राज्य सरकार को ब्रिटिश काल के रेलवे स्टेशनों के नाम बदलने का अधिकार है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुंबई और आस पास के 6 से 8 लोकल रेलवे स्टेशन के नाम को बदला जा सकता है। शिंदे गुट के सांसद राहुल शेवाले ने कहा है कि जो मांग आई है उसके मुताबिक नाम बदले जाएंगे। यह सारे नाम अंग्रेजो की ओर से दिए गए थे। महाराष्ट्र सरकार इनके नाम बदल सकती है।

इन स्टेशनों के बदल सकते हैं नाम


सेंट्रल रेलवे के तहत आने वाले मुंबई के करी रोड स्टेशन का नाम बदलकर लालबाग रेलवे स्टेशन किया जा सकता है। सैंडहर्स्ट रोड रेलवे स्टेशन का नाम डोंगारी, कॉटन ग्रीन का कालचौकी, डॉकयार्ड रोड को मझगांव और किंग सर्कल स्टेशन का नाम बदलकर तीर्थकर पार्श्वनाथ रेलवे स्टेशन किया जा सकता है। सी तरह मरीन लाइंस रेलवे का नाम बदलकर मुंबादेवी, चर्नी रोड रेलवे स्टेशन को गिरगांव और मुंबई सेंट्रल का नाम बदलकर नाना जगन्नाथ शंकरसेठ स्टेशन किया जा सकता है। वहीं महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई सेंट्रल का नाम बदलकर नाना जगन्नाथ शंकरशेठ स्टेशन करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को पहले ही भेज दिया था।

इन स्टेशनों के बदल चुके हैं नाम

एलफिंस्टन रोड लोकल स्टेशन का नाम बदल दिया गया था। इसे लॉर्ड एलफिंस्टन के नाम से जाता जाता है। 1853 से 1860 तक ये बॉम्बे प्रेसीडेंसी के अंतर्गत आता था। कुछ दिनों पहले ही मुंबई के छत्रपति शिवाजी टर्मिनस में 'महाराज' शब्द जोड़ा गया था। जिसके बाद अब टर्मिनस का पूरा नाम छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस हो गया है। एक समय था, जब इसका नाम ग्रेट ब्रिटेन की महारानी विक्टोरिया के नाम पर विक्टोरिया टर्मिनस भी रखा गया था। जिसे वीटी के नाम से जानते थे।

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