'मेरा नाम आजमोव है और मैं एक आतंकी हूं': नूपुर शर्मा की हत्या करना चाहता था रूस में पकड़ा गया ISIS का सुसाइड बॉम्बर

आजमोव को ISIS ने तुर्की में भर्ती किया था और उसे वहीं ट्रेनिंग दी गई थी, आजमोव का मानना था कि शर्मा ने पैगंबर मोहम्मद का अपमान किया है और इसलिए उन्हें समाप्त कर दिया जाना चाहिए

अपडेटेड Aug 22, 2022 पर 11:59 PM
सूत्रों का कहना है कि नूपुर शर्मा की हत्या करना आत्मघाती हमलावर आजमोव को दिया गया इकलौता काम था

रूस में वहां की एजेंसियों ने इस्लामिक स्टेट (ISIS) के एक आत्मघाती हमलावर (Suicide Bomber) को पकड़ा है, जिसे भारतीय जनता पार्टी (BJP) की निलंबित प्रवक्ता नूपुर शर्मा (Nupur Sharma) की हत्या करने का इकलौता कार्य सौंपा गया था। हमारे सहयोगी चैनल CNN-News18 ने शीर्ष इंटेलीजेंस सूत्रों के हवाले से यह रिपोर्ट दिया है।

हमलावर ने अपना नाम आजमोव (Azamov) बताया है। 1992 में जन्मे आजमोव को ISIS ने तुर्की में भर्ती किया था और उसे वहीं ट्रेनिंग दी गई थी। सूत्रों ने कहा कि आजमोव का मानना था कि शर्मा ने पैगंबर मोहम्मद का अपमान किया है और इसलिए उन्हें समाप्त कर दिया जाना चाहिए।

योजना के तहत उसे भारतीय वीजा लेने के लिए रूस भेजा गया था। सूत्रों ने बताया कि नई दिल्ली पहुंचने पर उन्हें स्थानीय सहायता का आश्वासन दिया गया था। पूछताछ के दौरान, आजमोव ने कहा कि वह ऑनलाइन तरीके से कट्टरपंथियों से जुड़ा था और अभी तक आमने-समाने वह उनके किसी भी नेता से नहीं मिला है। उसने दावा किया कि उसे किसी ऑपरेशन के दूसरे चरण के तहत रूस भेजा गया था।


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भारत को जुलाई में मिली जानकारी

भारत को बीते 27 जुलाई को एक विदेशी आतंकवाद-रोधी एजेंसी ने रूस में एक आत्मघाती हमलावर के गिरफ्तार होने के बारे में जानकारी दी। सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी ने कहा कि किर्गिस्तान और उज्बेकिस्तान के दो आत्मघाती हमलावर भारत में आतंकवादी हमले के लिए तैयार थे। उनमें से एक तुर्की का रहने वाला है।

सूत्रों ने कहा कि भारतीय एजेंसियों को बताया गया था कि वे रूस के रास्ते आएंगे और उनका वीजा आवेदन अगस्त में मास्को में रूसी दूतावास या किसी अन्य वाणिज्य दूतावास में जाएगा। सूत्रों ने कहा कि इन जानकारियों को रूस के साथ भी साझा किया गया था, जिसके कारण रूस की फेडरल सिक्योरिटी सर्विस (FSC) ने उसे हिरासत में लिया।

भारत में भी अलर्ट पर रही एजेंसियां

इस बीच भारतीय एजेंसियों ने देश में ISIS नेटवर्क की रीढ़ तोड़ने के लिए देश भर में बैठकें कीं। एंटी-टेररिस्ट स्क्वायड (ATS) ने ISIS के खिलाफ लगातार कार्रवाई शुरू कर दी। दो दिनों में कम से कम 35 जगहों पर छापेमारी की गई और लोगों को हिरासत में लिया गया।

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