मुंबई एयरपोर्ट पर अब घरेलू यात्रियों के लिए भी निगेटिव RT-PCR रिपोर्ट अनिवार्य, सिर्फ इन यात्रियों को मिलेगी छूट

महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई एयरपोर्ट पर आने वाले सभी यात्रियों के लिए RT-PCR टेस्ट अनिवार्य कर दिया है

अपडेटेड Dec 01, 2021 पर 6:24 PM
मुंबई एयरपोर्ट पर निगेटिव RT-PCR रिपोर्ट अनिवार्य

महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई (Mumbai) के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Chhatrapati Shivaji Maharaj International Airport) पर आने वाले सभी यात्रियों के लिए RT-PCR टेस्ट अनिवार्य कर दिया है। महाराष्ट्र सरकार ने कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमीक्रॉन (Omicron variant) को लेकर देश और दुनिया भर में बढ़ती चिंताओं के बीच यह फैसला लिया है।

30 नवंबर को जारी संसोधित गाइडलाइंस में यह भी कहा गया है कि देश के अन्य राज्यों से आने वाले घरेलू यात्रियों के लिए भी RT-PCR टेस्ट अनिवार्य होगा। हालांकि इसके कुछ ही घंटे बाद महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि, टीके की पूरी डोज लगवा चुके घरेलू यात्री बिना RT-PCR टेस्ट के यात्रा कर सकते हैं।


गाइडलाइंस के मुताबिक, 'खतरे वाले देशों' से आने वाले यात्रियों के लिए सात दिनों को इंस्टीट्यूशनल क्वारंटीन अनिवार्य होगा। इस दौरान दूसरे, चौथे और सातवें दिन उनका RT-PCR टेस्ट होगा। जिन यात्रियों का टेस्ट पॉजिटिव आएगा, उन्हें हॉस्पिटल में शिफ्ट किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दूसरे और चौथे दिन टेस्ट में निगेटिव पाए जाने वाले यात्रियों को भी सात दिनों की क्वारंटीन अवधि पूरी करनी होगी।

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गाइडलाइंस में आगे कहा गया कि 'खतरे वाले देशों' के अतिरिक्त दूसरे देशों से आने वाले यात्रियों के लिए 14 दिनों का होम क्वारंटीन होगा। अगर इस दौरान यात्री पॉजिटिव पाए जाते हैं, तो उन्हें अस्पताल में शिफ्ट किया जाएगा। मुंबई एयरपोर्ट पर कनेक्टिंग फ्लाइट्स पकड़ने के लिए उतरने वाले यात्रियों को भी RT-PCR टेस्ट से गुजरना होगा।

गाइडलाइंस में कहा गया है, घरेलू यात्रियों को निगेटिव RT-PCR रिपोर्ट दिखाने पर जांच से छूट दी जाएगी, लेकिन यह रिपोर्ट 48 घंटे से अधिक पुरानी नहीं होनी चाहिए।

महाराष्ट्र सरकार के इस गाइडलाइंस पर केंद्र सरकार का कहना है कि यह उसकी तरफ से निर्धारित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रॉसीजर (SOP) से अलग है।

केंद्रीय हेल्थ सेक्रेटरी राजेश भूषण ने कहा, "यह हेल्थ मिनिस्ट्री की तरफ से जारी किए गए SOP और दिशानिर्देशों के विपरीत है। इसलिए, मैं आपसे आग्रह करता हूं कि आप अपने दिशानिर्देशों और भारत सरकार के हेल्थ मिनिस्ट्री की तरफ से जारी दिशानिर्देशों में एकरूपता लाएं, जिससे की देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक समान गाइडलाइंस लागू किया जा सके।"

जिन देशों को 'खतरे' की सूची में डाला गया है, उनमें इंग्लैंड, साउथ अफ्रीका, ब्राजील, बोट्सवाना, चीन, मॉरीशस, न्यूजीलैंड, जिम्बाबवे, सिंगापुर, हांगकांग और इजराइल शामिल हैं।

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