केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ऑटोमेटेड टोल प्लाजा (Toll) को लेकर चल रही बातों को लेकर अहम बात की है। गडकरी ने कहा कि सरकार टोल प्लाजा और हाईवे पर ट्रैफिक के प्रेशर को कम करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने इसके लिए एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत ऑटोमेटेड नंबर प्लेट और सैटेलाइट आधारित (GPS enabled) मैनेजमेंट बनाने पर काम किया जा रहा है। इससे लोगों को ट्रैफिक से थोड़ी राहत मिलेगी।
गडकरी ने इंडो अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स के एक कार्यक्रम में कहा कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय गाड़ियों को बिना रोके ऑटोमेटेड टोल कनेक्शन सेंटर को बनाने के लिए नंबर प्लेट रीडर के पायलट प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है। नई तकनीक से टोल बूथों पर ट्रैफिक प्रेशर को कम किया जा सकता है। कार ड्राइवर अपनी सुविधा के मुताबिक टोल का पेमेंट कर पाएंगे। उन्हें ज्यादा रुपये देनें होंगे।
बैंक खाते से कट जाएंगे पैसे
गडकरी ने बताया कि साल 2024 तक नेशनल हाईवे के 15 किलोमीटर एरिया में इंटेलिजेंस ट्रैफिक सिस्टम को लागू करेगी। उन्होंने टोल सिस्टम पर बताया कि सैटेलाइट बेस्ड टोल सिस्टम में कार में जीपीएस होगा और इस दौरान टोल से गाड़ी गुजरने पर यात्री के बैंक अकाउंट से सीधे पैसे कट जाएंगे। दूसरा ऑप्शन नंबर प्लेट का है जिसमें यात्री का गाड़ी नबंर बैंक खाते से लिंक होगा। उन्होंने कहा कि फास्टैग की जगह जीपीएस लगाने के प्रोसेस में हैं। हालांकि, अभी इस पर सरकार की तरफ से कोई फैसला नहीं लिया गया है। इस तकनीक को पूरी तरह से लागू होने में समय लगेगा और लागू होने का बाद लोगों को इससे राहत मिलेगी।