कांग्रेस (Congress) के पूर्व नेता और अविभाजित आंध्र प्रदेश के अंतिम मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी (Kiran Kumar Reddy) शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की जमकर सराहना और अपनी पुरानी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की कटु आलोचना की। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, BJP के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता अनिल बलूनी की मौजूदगी में रेड्डी ने BJP की सदस्यता ग्रहण की।
इसी साल मार्च महीने में रेड्डी ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। सितंबर, 1959 में जन्मे रेड्डी ने 25 नवंबर, 2010 से 01 मार्च, 2014 तक अविभाजित आंध्र प्रदेश के 16वें मुख्यमंत्री के रूप में काम किया। दो जून, 2014 को तेलंगाना राज्य बनने से पहले वह संयुक्त आंध्र प्रदेश के अंतिम मुख्यमंत्री थे।
रेड्डी ने जनता के फैसले को स्वीकार ना करने और पार्टी में सुधारात्मक कदम ना उठाने के लिए कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधा। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका (कांग्रेस नेतृत्व) मानना है कि वे सही हैं और भारत के लोगों समेत बाकी सभी गलत हैं।
चार बार के पूर्व विधायक रेड्डी ने कहा कि वे नियंत्रण बनाए रखने के लिए अधिकार चाहते हैं, लेकिन कड़ी मेहनत नहीं करना चाहते हैं या कोई जिम्मेदारी नहीं लेना चाहते हैं।
कांग्रेस के साथ अपने परिवार के छह दशक से ज्यादा लंबे जुड़ाव का हवाला देते हुए रेड्डी ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह पार्टी छोड़ देंगे।
भाजपा में शामिल होने पर, रेड्डी ने कहा, "मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे कांग्रेस छोड़नी पड़ेगी ... एक कहावत है- मेरे राजा बहुत बुद्धिमान हैं, वह अपने बारे में नहीं सोचते, किसी की सलाह नहीं सुनते।"
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को सभी राज्यों में नुकसान हो रहा है, लेकिन उसका आलाकमान दूसरों के साथ बातचीत तक नहीं करता है या ना ही उनकी राय लेता है।
रेड्डी ने BJP के उदय की तुलना 1984 के बाद से कांग्रेस के पतन से की और मोदी के नेतृत्व में सत्तारूढ़ पार्टी के नेताओं की उनकी कड़ी मेहनत और राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता के लिए सराहना की।
उन्होंने कहा कि उनके पास विचारों की स्पष्टता और निरंतरता है और साहसी फैसले लेना सरकार की पहचान है। रेड्डी ने भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए मोदी की प्रतिबद्धता की भी सराहना की।