Assembly Elections 2022: चुनाव आयोग ने हिमाचल के साथ ही क्यों नहीं किया गुजरात विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान?

Assembly Elections 2022: CEC राजीव कुमार ने पिछले महीने गुजरात (Gujarat) का दौरा किया था। चुनाव कराने के लिए राज्य प्रशासन की तैयारियों की समीक्षा के लिए राज्य के अधिकारियों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से मुलाकात भी की थी

अपडेटेड Oct 14, 2022 पर 4:41 PM
CEC राजीव कुमार ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव की तारीखों को किया ऐलान

Assembly Elections 2022: चुनाव आयोग (EC) ने शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 (Himachal Pradesh Assembly elections 2022) की तारीखों की घोषणा कर दी है, लेकिन उम्मीदों के उलट गुजरात चुनाव (Gujarat Assembly Elections) के शेड्यूल की घोषणा अभी नहीं की गई है। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) राजीव कुमार (Rajiv Kumar) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हिमाचल प्रदेश में 12 नवंबर को एक चरण में मतदान होगा। 8 दिसंबर को वोटों की गिनती के बाद नतीजे घोषित किए जाएंगे।

पत्रकारों के यह पूछे जाने पर कि चुनाव आयोग ने हिमाचल प्रदेश के साथ गुजरात चुनाव की तारीखों की घोषणा क्यों नहीं की, CEC राजीव कुमार ने कहा कि यह 2017 में तय कॉन्फ्रेंस के अनुसार ही किया गया है। तब भी दोनों राज्यों के चुनावों की अलग-अलग घोषणा की गई थी।

2017 में, हिमाचल प्रदेश के चुनाव 13 अक्टूबर को घोषित किए गए थे। जबकि गुजरात चुनाव 25 अक्टूबर को घोषित किए गए थे। हालांकि, दोनों राज्यों के नतीजे 18 दिसंबर, 2017 को घोषित किए गए थे।


हिमाचल प्रदेश में मौसम को एक अहम कारण बताते हुए कि राज्यों में चुनावों की घोषणा सबसे पहले की गई है। चुनाव आयोग ने कहा कि एक राज्य में चुनाव दूसरे में चुनावों को प्रभावित नहीं करेंगे, क्योंकि विधानसभाओं का कार्यकाल खत्म होने के बीच में "40 दिनों का अंतर है।"

CEC कुमार ने पिछले महीने गुजरात का दौरा किया था और चुनाव कराने के लिए राज्य प्रशासन की तैयारियों की समीक्षा के लिए राज्य के अधिकारियों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से मुलाकात भी की थी।

गुजरात में कैसा है सियासी मुकाबला?

गुजरात में बीजेपी, कांग्रेस और AAP के बीच त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा। सत्तारूढ़ भाजपा के लिए चुनाव अहम हैं। इसका मकसद प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के गृह राज्य में सत्ता बरकरार रखना है। जबकि कांग्रेस को 27 साल तक सत्ता से बाहर रहने के बाद इस अहम राज्य में वापसी की उम्मीद है।

वहीं आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए ये चुनाव एक अखिल भारतीय पार्टी के रूप में उभरने का मौका होगा। चुनाव से पहले गुजरात में शीर्ष राष्ट्रीय नेताओं के लगातार दौरे हुए हैं और पार्टियां अपनी रणनीतियां मजबूत कर रही हैं।

PM मोदी इस महीने की शुरुआत में दो दिनों के लिए गुजरात के मैराथन दौरे पर थे। उन्होंने राज्य के अलग-अलग हिस्सों जैसे सूरत, भावनगर, अहमदाबाद और अंबाजी में 27,000 करोड़ रुपए से ज्यादा के प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया।

Himachal Pradesh Elections 2022: हिमाचल प्रदेश में 12 नवंबर को होगी वोटिंग, 8 दिसंबर को मतगणना

वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सितंबर के आखिर में दो दिनों के लिए गुजरात में थे और उन्होंने स्थानीय बीजेपी पदाधिकारियों के साथ चुनावी रणनीति पर चर्चा की। पार्टी की रणनीति को ठीक करने के लिए वह उनके साथ और भी बैठकें करेंगे।

दूसरी तरफ AAP नेता अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान ने भी अक्टूबर की शुरुआत में गुजरात का दौरा किया था। कांग्रेस के गुजरात प्रभारी रघु शर्मा राज्य में प्रचार कर रहे हैं, जबकि पार्टी के राष्ट्रीय नेता भारत जोड़ो पदयात्रा में व्यस्त हैं।

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