Delhi's New CM: आतिशी होंगी दिल्ली की नई मुख्यमंत्री, सीएम अरविंद केजरीवाल की लेंगी जगह

Delhi's New CM: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार (15 सितंबर) को सीएम पद से इस्तीफा देने के अपने फैसले की घोषणा की थी। इस दौरान उन्होंने कहा था कि वह तभी मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठेंगे जब लोग उन्हें ईमानदारी का प्रमाणपत्र दे देंगे

अपडेटेड Sep 17, 2024 पर 11:56 AM
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Delhi's New CM: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मंगलवार (17 सितंबर) शाम को अपने पद से इस्तीफा देंगे

New Chief Minister of Delhi: अरविंद केजरीवाल के स्थान पर दिल्ली के नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार में मंत्री आतिशी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की नई मुख्यमंत्री होंगी। आतिशी को दिल्ली आम आदमी पार्टी के विधायक दल का नेता चुन लिया गया है। अरविंद केजरीवाल ने आतिशी के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे सभी विधायकों ने खड़े होकर स्वीकार कर लिया। मुख्यमंत्री पद के संभावित उम्मीदवारों में आतिशी को एक प्रबल दावेदार माना जा रहा था। आतिशी के पास दिल्ली सरकार में शिक्षा, वित्त, लोक निर्माण विभाग, राजस्व और सेवाएं समेत अधिकतम संख्या में विभाग हैं।

आतिशी को केजरीवाल का करीबी भी माना जाता है। वह पार्टी की सीनियर प्रवक्ता भी हैं, जो आप सरकार और केजरीवाल का बचाव करती हैं। वह अपने नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधती हैं। केजरीवाल ने रविवार (15 सितंबर) को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के अपने फैसले की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि वह तभी मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठेंगे जब लोग उन्हें ईमानदारी का प्रमाणपत्र दे देंगे।

आज इस्तीफा देंगे केजरीवाल


दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आज यानी मंगलवार (17 सितंबर) को इस्तीफा देंगे। उससे पहले आम आदमी पार्टी (आप) विधायक दल की साढ़े 11 बजे बैठक हुई, जिसमें नए मुख्यमंत्री के नाम पर चर्चा की गई। केजरीवाल शाम साढ़े चार बजे उपराज्यपाल वीके सक्सेना से मुलाकात करेंगे। इसी दौरान उनके इस्तीफा सौंपने की संभावना है।

आबकारी नीति मामले में जमानत पर तिहाड़ जेल से रिहा होने के बाद AAP के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल ने रविवार को कहा था कि वह 48 घंटे के भीतर इस्तीफा दे देंगे। साथ ही दिल्ली में जल्द चुनाव कराने की मांग करेंगे। उन्होंने कहा था कि जब तक लोग उन्हें 'ईमानदारी का प्रमाणपत्र' नहीं दे देते, तब तक वह मुख्यमंत्री की कुर्सी पर नहीं बैठेंगे। केजरीवाल ने कहा था कि वह कुछ दिनों में आप विधायकों की बैठक करेंगे और पार्टी का कोई नेता मुख्यमंत्री बनेगा।

AAP ने सोमवार को कई बैठकें कीं। केजरीवाल ने पार्टी की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था-राजनीतिक मामलों की समिति (PAC) के सदस्यों से अपने आधिकारिक आवास पर एक-एक करके बैठकें कीं। इन बैठकों में अगले मुख्यमंत्री को लेकर उनकी राय मांगी। उन्होंने मुख्यमंत्री पद के लिए पार्टी की पसंद के बारे में पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा सहित वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की थी।

ये नाम भी रेस में थे

मुख्यमंत्री पद के संभावित दावेदारों के रूप में दिल्ली के मंत्रियों आतिशी के अलावा गोपाल राय, कैलाश गहलोत और सौरभ भारद्वाज के नाम भी चर्चा में थे। केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल और विधानसभा स्पीकर राम निवास गोयल भी सीएम पद के दावेदार माने जा रहे थे। दिल्ली विधानसभा की उपाध्यक्ष राखी बिड़लान और कोंडली से विधायक कुलदीप कुमार भी संभावित दावेदार थे।

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ऐसी खबर थी कि अल्पसंख्यक समुदाय के किसी सदस्य को भी मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है क्योंकि पार्टी ने 2020 के दिल्ली दंगों के बाद से समुदाय में अपने समर्थन में कमी देखी है। ऐसे परिदृश्य में दिल्ली के मंत्री इमरान हुसैन को चुने जाने की भी संभावना थी। हालांकि अब आतिशी ने बाजी मार ली है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कहा है कि आम आदमी पार्टी (AAP) प्रमुख अरविंद केजरीवाल का मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना सिद्धांतों का पालन नहीं, बल्कि मजबूरी में लिया गया फैसला है।

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