Bihar: मंत्री कार्तिकेय सिंह के इस्तीफे पर BJP नेता सुशील मोदी का तंज- "पहले ओवर में ही क्लीन बोल्ड हो गए नीतीश कुमार"

अपहरण के एक मामले में कथित संलिप्तता के बावजूद कार्तिकेय सिंह को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की विपक्ष ने भारी आलोचना की थी। उन्होंने 16 अगस्त को नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली नवगठित महागठबंधन सरकार में अपनी पार्टी के कोटे से कानून मंत्री के रूप में शपथ ली थी

अपडेटेड Sep 01, 2022 पर 11:59 AM
अपहरण के एक पुराने मामले को लेकर वह मंत्रिपद की शपथ लेने के बाद से विवादों में थे

Bihar Political Crisis: बिहार में नवगठित महागठबंधन सरकार में मंत्री पद की शपथ लेने के बाद से ही विवादों में घिरे कार्तिकेय सिंह (Kartikey Singh) ने आखिरकार अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। नीतीश कुमार ने उनसे कानून मंत्रालय छीनकर उन्हें गन्ना मंत्रालय दे दिया था। लेकिन कार्तिकेय सिंह ने कानून मंत्रालय छिनते ही बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

इस मामले पर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने ट्वीट कर कहा है कि नीतीश कुमार पहले ही ओवर में बोल्ड हो गए हैं। सुशील मोदी ने कहा कि अभी एक विकेट गिरा है, आगे और गिरेंगे। उन्होंने ट्वीट किया, "नीतीश कुमार पहले ओवर में ही क्लीन बोल्ड हो गए। अभी तो कार्तिक कुमार का पहला विकेट गिरा है। अभी और कई विकेट गिरेंगे।"

अपहरण के एक मामले में कथित संलिप्तता के बावजूद कार्तिकेय सिंह को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की विपक्ष ने भारी आलोचना की थी। कार्तिकेय सिंह ने 16 अगस्त को नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली नवगठित महागठबंधन सरकार में अपनी पार्टी के कोटे से मंत्री के रूप में शपथ ली थी।


इसके बाद उन्हें सीएम नीतीश कुमार ने कानून मंत्री बनाया था। हालांकि, अपहरण के एक पुराने मामले को लेकर वह मंत्रिपद की शपथ लेने के बाद से विवादों में थे। इसके बाद नीतीश कुमार ने बुधवार को सिंह से कानून मंत्रालय वापस लेकर उन्हें गन्ना उद्योग मंत्रालय दे दिया था। हालांकि, इसके कुछ घंटों बाद ही उन्होंने नीतीश कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया।

BJP मांग रही थी इस्तीफा

भारतीय जनता पार्टी ने 2014 के अपहरण के एक मामले में कार्तिक के नामजद होने के बावजूद उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने पर सवाल खडा करते हुए उन्हें मंत्री पद से हटाए जाने की मांग की थी। बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी के कार्तिक पर आरोप लगाया था कि अपहरण के एक मामले में समन जारी होने के बावजूद पेश नहीं होने पर उनके खिलाफ वारंट जारी किया गया था और उन्होंने उसी दिन शपथ ली थी जिस दिन उन्हें एक अदालत में पेश होना था।

कार्तिक पर लगाए गए आरोपों के बारे में 17 अगस्त को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से पूछे जाने पर उन्होंने कहा था कि उन्हें इस मामले में कोई जानकारी नहीं है। बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने 18 अगस्त को कहा था, ‘‘वारंट के बाद अदालत ने गिरफ्तारी के खिलाफ अंतरिम सुरक्षा प्रदान की है। उनको अभी तक अदालत ने दोषी नहीं ठहराया है। हम अदालत के निर्देशों का पालन करेंगे।

कार्तिक के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट लंबित होने के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने सुशील के बारे में कहा था, ‘‘ यह सब गलत है।’’ बिहार में नवगठित महागठबंधन सरकार का बाहर से समर्थन कर रही। वर्तमान में महागठबंधन में सात दल जदयू, राजद, कांग्रेस, भाकपा माले, भाकपा, माकपा और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा शामिल हैं ।

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