
बिहार में JDU की राज्य परिषद की दो दिवसीय मीटिंग के दूसरे और अंतिम दिन उमेश कुशवाहा (Umesh Kushwaha) को प्रदेश अध्यक्ष चुना गया है। इससे पहले मीटिंग के दौरान वशिष्ठ नारायण सिंह (Vashishth Narayan Singh) ने स्वास्थ कारणों से इस्तीफा दिया और उमेश कुशवाहा को प्रदेश अध्यक्ष पद बनाने के लिए उनके नाम का प्रस्ताव रखा और इस प्रस्ताव पर सहमति बन गई। पार्टी के सीनियर लीडर वरिष्ठ नेता राजीव रंजन सिंह ने कुशवाह को चुने जाने की घोषणा की। राजीव रंजन सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्र में सत्तारूढ़ NDA के साथ हमारी पार्टी मजबूती के साथ खड़ी है।
A lot of speculations about our party leader and CM Nitish Kumar are being made. We would like to clarify that our party stands strongly with NDA: Rajeev Ranjan Singh, JD(U) pic.twitter.com/FpMQgm5NCD
— ANI (@ANI) January 10, 2021
राज्य में हुए विधान सभा चुनाव में वैशाली के मनहार विधान सभा सीट से कुशवाहा को हार का सामना करना पड़ा था। इसके पहले साल 2015 के विधान सभा चुनाव में कुशवाहा ने जीत हासिल की थी। अब उमेश कुशवाहा को पार्टी ने बड़ी जिम्मेदारी दी है। वैशाली जिले के कैरी बुजुर्ग गांव के रहने वाले उमेश सिंह कुशवाहा साल 2015 से 2020 तक विधायक रहे हैं। कुशवाहा विधायक के अलावा कारोबारी भी है।
प्रदेश अध्यक्ष चुने जाने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उमेश कुशवाहा ने कहा कि मुझे प्रदेश अध्यक्ष के रूप में जो जवाबदेही मिली है, मैं उस पर बेहतर काम करने का प्रयास करूंगा। हमारी पार्टी का जो मूल मंत्र है न्याय के साथ सभी का विकास उसका हम ध्यान रखेंगे।
मुझे प्रदेश अध्यक्ष के रूप में जो जवाबदेही मिली है, मैं उसका सफलतापूर्वक निर्वहन करने का प्रयास करूंगा। हमारी पार्टी का जो मूल मंत्र है 'न्याय के साथ सभी का विकास' उसका हम ध्यान रखेंगे: उमेश कुशवाहा, जद(यू) के प्रदेश अध्यक्ष बनने पर #Bihar https://t.co/tnUyhpoqnl pic.twitter.com/tO90AvDju1
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 10, 2021
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, खुद उमेश कुशवाहा को भी इस बात जानकारी नहीं थी कि उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाएगा। नीतीश कुमार (Nitish Kumar) अकसर अपने फैसलों से चौंकाते रहे हैं। इस बार भी ऐसा ही हुआ। नीतीश कुमार ने जिस तरह से उमेश कुशवाहा पर अपना भरोसा जताया इससे उन्होंने खास सियासी संकेत देने की कोशिश की है।
बता दें कि पार्टी के सीनियर लीडर वशिष्ठ नारायाण को तबियत खराब होने के चलते पार्टी ने चुनाव के समय डॉ. अशोक चौधरी को पार्टी का कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष बनाया था। चौधरी को राज्य के मंत्रिमंडल में भी जगह मिली हुई है।
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