ये चाय बड़ी दिलचस्प चीज है। चाय प्रतीक है दोस्ती का, मानसम्मान का, दिल की बातें करने का। जब किसी विषय या मुद्दे से प्यार हो तो उसकी चर्चा करते हुए चाय की चुस्कियां लगाई जाती हैं इसे ही कहते हैं चाय पर चर्चा। इस वक्त देश में सियासी माहौल गरम है। आप जहां भी नजरें घुमाएंगे चाय की गुमटी पर राजनीति के सुलगते मुद्दों लोग चर्चा करते मिल जाएंगे। इस शो में बाजार, राजनीति और देश के सुलगते मुद्दों की चर्चा होगी। तो तैयार हो जाइए आवाज़ की टीम के साथ गरमा-गरम चाय के साथ चटपटी चर्चा के लिए।
राजनीति से शुरुआत करें तो प्रधानमंत्री मोदी के चुनाव प्रचार का आगाज हो गया है। उन्होंने विपक्ष पर हमले के साथ अभियान शुरू किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने आधिकारिक तौर पर चुनाव प्रचार की शुरुआत की है। आज पहली रैली मेरठ में, दूसरी रुद्रप्रयाग और तीसरी अखनूर जम्मू में है। मोदी ने कांग्रेस के न्याय स्कीम पर निशाना साधा है। जवाब में कांग्रेस ने भी हमला किया है। आज सारी निगाहें बिहार में महागठबंधन पर भी टिकी है जहाँ दरार आने की खबर है। इस वजह से राहुल ने बिहार के नेताओं के साथ दिल्ली में बैठक की है।
उधर आज कांग्रेस ने गरीब, किसानों, युवाओं के लिए वादों का पिटारा खोल दिया है। गरीबों को लुभाने के लिए गरीबी पर वार 72 हजार कांग्रेस का नया नारा है। घोषणा पत्र में कहा गया है कि 2030 तक गरीबी का नामोनिशान मिटाने के लिये कांग्रेस न्यूनतम आय योजना की शुरुआत करेगी। इसके अलावा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि सत्ता में आए तो 22 लाख खाली सरकारी पदों को मार्च 2020 तक भरेंगे। इतना ही नहीं मनरेगा के तहत 100 दिन की बजाय 150 दिन रोजगार की गारंटी मिलेगी। किसानों के लिए अलग बजट बनाने का भी वादा किया गया है। कांग्रेस के घोषणापत्र पर बात करने के लिए सीएनबीसी-आवाज़ के साथ हैं वरिष्ठ पत्रकार टीसीए श्रीनिवास राघवन।
बाजार की बात करें तो पावर कंपनियों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने आरबीआई के उस सर्कुलर पर रोक लगाई दी है, जिसके तहत पावर कंपनियों के लिए कर्ज रीस्ट्रक्चरिंग का रास्ता मुश्किल हो गया था। पावर सेक्टर की मांग पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला आया है। सुप्रीम कोर्ट ने आरबीआई का 12 फरवरी का सर्कुलर खारिज खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आरबीआई का सर्कुलर असंवैधानिक है। सुप्रीम कोर्ट के 2 जजों की बेंच ने ये फैसला लिया है। फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आरबीआई सर्कुलर असंवैधानिक है। आरबीआई का फैसला कानूनी तौर पर गलत है। आरबीआई ने अधिकार क्षेत्र के बाहर फैसला लिया है।