केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने अदाणी मामले (Adani Issue) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) पर बेबुनियाद आरोप लगाने के लिए बृहस्पतिवार को कांग्रेस (Congress) नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की तीखी आलोचना की। वित्त मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी ऐसे आरोप लगाने की आदत हो चुकी है। सीतारमण ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "अगर राहुल गांधी वास्तव में सोचते हैं कि अदाणी को ये सब चीजें (अनुचित लाभ) दी गई हैं, तो ये सच नहीं है।"
वित्त मंत्री ने कहा, "मैं यह भी कहना चाहती हूं कि उन्हें प्रधानमंत्री के खिलाफ बेबुनियाद आरोप लगाने की आदत हो चुकी है। हम 2019 के चुनावों से पहले इसे देख चुके हैं, अब वह फिर से ऐसा कर रहे हैं। वह इन सब झूठे आरोपों से कोई सबक नहीं सीखते हैं।"
सीतारमण ने ये भी सवाल किया कि गांधी ने केरल सरकार की तरफ से अदाणी को दिए गए ‘अनुचित लाभ’ और राजस्थान में कंपनी की एक सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट के खिलाफ आवाज क्यों नहीं उठाई।
वित्त मंत्री ने कहा, "केरल में तब कांग्रेस सरकार ही थी, जिसने अदाणी को विझिंजम पोर्ट दिया था। ये किसी टेंडर के आधार पर नहीं दिया गया था। अब वह (कांग्रेस) सरकार नहीं है, बल्कि CPIM की सरकार है। लेकिन उन्हें यह पूछने और मांग करने से किसने रोका कि केरल उस आदेश को रद्द कर दे?’’
सीतारमण ने कहा, "कांग्रेस शासित राजस्थान में अदाणी को ‘‘समूची सौर ऊर्जा परियोजना’’ दी गई है। राहुल गांधी को किसने रोका है?"
विपक्षी एकता पर भी निर्मला सीतारमण ने निशाना साधा। उन्होंने कहा, "विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है। वे ऐसे मुद्दे उठाते हैं कि सभी को पास ले आए। ममता बनर्जी खुद अडानी का स्वागत करती हैं। आप हमसे सवाल करें हमें परवाह नहीं है। हमारे पास कुछ छुपाने के लिए नहीं है।"
राहलु के सावरकार वाले बयान पर वित्त मंत्री ने कहा कि 2019 में राफेल के आरोपों में जब राहुल गांधी ने बयान दिए. तब उन्हें सुप्रीम कोर्ट में माफी मांगनी पड़ी। उससे पहले RSS के खिलाफ जब गलत बयान देने पर लिखित माफीनामा देना पड़ा। आज आप (राहुल गांधी) बोलते हैं, मैं गांधी हूं सावरकर नहीं। क्या उन्हें याद है कि उन्होंने माफी मांगी थी?