दिल्ली की मंत्री आतिशी की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वह हरियाणा सरकार के खिलाफ 10 करोड़ गैलन प्रतिदिन (एमजीडी) पानी नहीं देने के कारण अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थीं। आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party -AAP) का कहना है कि हरियाणा सरकार की ओर से पानी नहीं छोड़ने की वजह से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जल संकट पैदा हो गया है। दिल्ली की मंत्री को मंगलवार तड़के राष्ट्रीय राजधानी के लोक नायक जय प्रकाश (LNJP) अस्पताल में भर्ती कराया गया। आतिशी लगातार 5 दिन से भूख हड़ताल पर बैठी हैं। आतिशी का कहना है कि हरियाणा दिल्ली के हिस्से का पानी नहीं दे रहा है।
आम आदमी पार्टी का कहना है कि आतिशी का ब्लड शुगर लेवल आधी रात को गिर कर 43 पर आ गया था। देर रात 3.00 बजे 36 तक पहुंच गया। ब्लड शुगर में इस स्तर की गिरावट चिंताजनक है। इसलिए उन्हें डॉक्टर्स की सलाह पर एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आम आदमी पार्टी के सोशल मीडिया अकाउंट से उनका एक वीडियो शेयर किया गया है। जिसमें आतिशी स्ट्रेचर पर एंबुलेंस से अस्पताल जाती नजर आ रही हैं।
डॉक्टरों ने अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी थी
आम आदमी पार्टी (आप) ने कहा कि डॉक्टरों ने आतिशी की बिगड़ती सेहत को देखते हुए उन्हें अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी थी। लेकिन वो अपनी जान जोखिम में डालकर वह अनशन पर बैठी रहीं। आप की ओर से जारी किए गए प्रेस रिलीज में कहा गया है कि मंत्री की स्वास्थ्य जांच से पता चला कि उनके ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर लेवल में भारी गिरावट आई है। उनका वजन 2 किलो से ज्यादा कम हो गया है। बीपी भी काफी लो हो गया है। उनका केटोन का लेवल भी बहुत अधिक है जो लंबे समय में हानिकारक प्रभाव डाल सकता है। आतिशी ने कहा था कि चाहें मेरे शरीर को कितना भी कष्ट हो, मैं तब तक अनशन जारी रखूंगी जब तक हरियाणा पानी नहीं छोड़ देता।
हरियाणा पर पानी नहीं देने के लगे आरोप
अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठी जल मंत्री आतिशी का कहना है कि जब तक हरियाणा सरकार दिल्लीवासियों का जल अधिकार नहीं दिलाती है। हथिनीकुंड बैराज के गेट नहीं खोले जाते हैं। तब तक उनकी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रहेगी।
आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाए हैं कि पड़ोसी राज्य हरियाणा हर दिन 10 करोड़ गैलन (एमजीडी) कम पानी की आपूर्ति कर रहा है। जिससे दिल्ली में 28 लाख लोगों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। जिससे पानी की कमी की समस्या बढ़ गई है।