ऐसा लग रहा है कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री (Karnataka CM) की रेस में कांग्रेस (Congress) के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया (Siddaramaiah) की जीत पक्की हो गई है। ऐसा इसलिए क्योंकि CM की दौड़ में दूसरे प्रबल दावेदार और कर्नाटक कांग्रेस (Karnataka Congress) के अध्यक्ष डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) ने अचानक दिल्ली जाने से इनकार दिया, जहां दोनों नेताओं के पार्टी हाई कमान के सामने सोमवार को पहुंचना था। डीके शिवकुमार ने दिल्ली न जाने के पीछे पेट में इंफेक्शन का हवाला दिया।
NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, इतना ही नहीं डीके शिवकुमार ने सिद्धारमैया की ऑल द बेस्ट भी कहा। 61 साल के शिवकुमार, जिनके आज शाम दिल्ली आने की उम्मीद थी, उन्होंने अचानक प्लान बदल दिया। उन्होंने कहा कि वह दिल्ल नहीं जाएंगे और सिद्धारमैया को शुभकामनाएं देते हैं, "क्योंकि उनके पास संख्या (विधायकों की संख्या) है।"
वहीं मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, "मेरे पास कोई विधायक नहीं है, लेकिन कांग्रेस पार्टी के पास 135 विधायक हैं। हमने प्रस्ताव पास किया है, जिसमें पार्टी हाईकमान विधायक दल का नेता चुनेगा।"
इन सब बातों से तो यही जाहिर होता है कि शिवकुमार के जन्मदिन के दिन ही उनकी पार्टी ने उन्हें निराश कर दिया और सिद्धारमैया के लिए मुख्यमंत्री पद का रास्ता साफा हो गया है। हालांकि, कांग्रेस की तरफ से इसे लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
इससे पहले शिवकुमार ने किसी फॉर्मूला की बात पर News18 से कहा, "मैंने किसी भी बात पर चर्चा नहीं की है। मैंने इसे आलाकमान पर छोड़ दिया है।"
कांग्रेस के शीर्ष सूत्रों ने यह भी कहा कि वे किसी फॉर्मूले पर चर्चा नहीं कर रहे हैं और न ही किसी ने कोई फॉर्मूला दिया है। एक कांग्रेस नेता ने News18 को बताया, "बीती रात पर्यवेक्षकों ने विधायकों से बात की और सभी के नाम लिख लिए। एक रिपोर्ट बनाई गई है और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को सौंपी गई है। घोषणा कल होने की संभावना है।"
हालांकि, दूसरे सोर्स से अंदरूनी जानकारी के अनुसार, डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया के बीच एक गतिरोध है। जहां डीके शिवकुमार एक पूर्ण कार्यकाल चाहते हैं, तो सिद्धारमैया ने सत्ता शेयर करने का फॉर्मूला तैयार करने और शुरुआती कार्यकार में खुद CM की कुर्सी पर बैठने की शर्त रखी है।