जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (JKCA) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। ED ने मंगलवार को श्रीनगर की एक कोर्ट में अब्दुल्ला के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के प्रावधानों के तहत चार्जशीट दायर की।
कोर्ट ने नेशनल कॉन्फ्रेंस (National Conference) के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला, अहसान अहमद मिर्जा और अन्य के खिलाफ ईडी की शिकायत पर संज्ञान लिया है और उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में अदालत के सामने पेश होने को कहा है।
ईडी जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन में कथित वित्तीय अनियमितताओं के एक मामले की जांच कर रही है। फारूक अब्दुल्ला 2001 से 2012 तक JKCA के अध्यक्ष थे। स्पेशल PMLA कोर्ट ने शिकायत का संज्ञान लिया है और आरोपियों को 27 अगस्त को अदालत में पेश होने के लिए नोटिस जारी किया है।
ED द्वारा फारूक अब्दुल्ला और अन्य की 21.55 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति कुर्क करने के बाद सप्लीमेंट्री शिकायत दर्ज की गई थी। अटैच की गई संपत्तियों में फारूक अब्दुल्ला, अहसान अहमद मिर्जा और मीर मंजूर आदि की संपत्ति शामिल थी। ईडी ने इससे पहले भी करोड़ों रुपये के जम्मू-कश्मीर क्रिकेट संघ घोटाला मामले में अब्दुल्ला से पूछताछ की थी।
दरअसल, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने 2011 और 2012 के बीच जम्मू-कश्मीर में खेल के प्रचार के लिए राज्य क्रिकेट एसोसिएशन को 112 करोड़ रुपये दिए थे। यह आरोप लगाया गया था कि इस राशि में से 46.30 करोड़ रुपये का दुरुपयोग किया गया था। वर्ष 2012 में सामने आए कथित घोटाले के संबंध में दो क्रिकेटरों- माजिद याकूब डार और निसार अहमद खान द्वारा 2015 में जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई थी।
बाद में अब्दुल्ला की अध्यक्षता वाले क्रिकेट एसोसिएशन में धन के कथित गबन की जांच के लिए मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दिया गया था। ईडी ने इस मामले में 2020 में अब्दुल्ला की 11.86 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की थी।
ईडी का आरोप है कि अब्दुल्ला ने अतीत में जेकेसीए के अध्यक्ष के रूप में अपने पद का दुरुपयोग किया था। साथ ही एसोसिएशन में इस तरह से नियुक्तियां की थी ताकि बीसीसीआई प्रायोजित कोष का दुरुपयोग किया जा सके।