कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) नेशनल हेराल्ड पेपर से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के सामने पेश हुईं। ED अधिकारियों ने 75 वर्षीय सोनिया गांधी का दो घंटे से अधिक समय तक बयान दर्ज किया। पूछताछ के बाद वह एजेंसी के कार्यालय से चली गईं। अब उन्हें फिर 25 जुलाई को दुबारा पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
सोनिया गांधी दोपहर करीब 12.10 बजे ईडी मुख्यालय पहुंचीं। एडिशनल डायरेक्टर मोनिका शर्मा की एक टीम ने उनसे पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उनके साथ उनके बेटे राहुल गांधी और बेटी प्रियंका गांधी वाड्रा भी थीं। कुछ मिनट बाद राहुल ईडी के मुख्यालय से चले गए, जबकि प्रियंका अपनी मां की दवा के डिब्बे के साथ खड़ी रहीं।
प्रियंका ने अपनी मां के साथ ईडी मुख्यालय में मौजूद रहने को कहा था। ईडी ने सोनिया की सेहत को ध्यान में रखते हुए प्रियंका को अलग कमरे में रहने की इजाजत दी। केंद्रीय एजेंसी ने कांग्रेस प्रमुख को कई हफ्ते पहले तलब किया था, लेकिन खराब स्वास्थ्य के कारण उन्होंने आगे का समय मांगा था। ईडी के सूत्रों ने दावा किया कि उनसे वही सवाल पूछे गए, जो राहुल से पांच दिन की पूछताछ के दौरान पूछे गए थे।
ED द्वारा सोनिया गांधी को सम्मन भेजे जाने के खिलाफ पार्टी के कार्यकर्ता देश के कई राज्यों में प्रदर्शन कर रहे हैं। कांग्रेस की दिल्ली यूनिट ने पार्टी अध्यक्ष से ईडी की पूछताछ के खिलाफ दिल्ली स्थित उपराज्यपाल वीके सक्सेना के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। पार्टी ने आरोप लगाया कि केंद्र कांग्रेस नेताओं को प्रताड़ित करने के लिए ईडी का दुरुपयोग कर रहा है। सोनिया गांधी से पूछताछ के विरोध में युवा कांग्रेस ने गुरुवार को दिल्ली में शिवाजी ब्रिज रेलवे स्टेशन पर कई ट्रेनों को रोका।
राष्ट्रीय राजधानी में कांग्रेस के प्रदर्शन के मद्देनजर कई मार्गों में परिवर्तन करने के कारण मध्य दिल्ली और उसके आसपास यातायात प्रभावित हुआ। वहीं, महाराष्ट्र के नागपुर शहर में ईडी के कार्यालय के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के बाद उनमें से कई को हिरासत में लिया गया।
बड़ी संख्या में कांग्रेस के कार्यकर्ता गांधी के प्रति एकजुटता व्यक्त करने के लिए नागपुर शहर के सेमिनरी हिल्स इलाके में ईडी कार्यालय के बाहर एकत्रित हो गए और उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने ईडी कार्यालय में घुसने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया और हिरासत में ले लिया।
पश्चिमी महाराष्ट्र से कांग्रेस नेताओं ने भी पुणे में प्रदर्शन किया। पुणे में जिलाधीश कार्यालय के बाहर प्रदर्शन में वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चह्वाण, सतेज पाटिल, परिणीति शिंदे और विश्वजीत कदम ने भाग लिया। कांग्रेस ने अपने शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ जांच एजेंसी की कार्रवाई की आलोचना की और इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया।