चुनाव आयोग का नया नियम: रैलियों पर लगी रोक 31 जनवरी तक बढ़ी, पहले चरण के मिली थोड़ी छूट

चुनाव आयोग ने पहले चरण के लिए छूट देते हुए कहा कि इन सीटों पर उम्मीदवार और पार्टियां 28 जनवरी से चुनावी रैली शुरू कर सकते हैं

अपडेटेड Feb 04, 2022 पर 2:21 PM
चुनाव आयोग ने 10 फरवरी से एग्जिट पोल पर लगाई रोक (FILE)

चुनाव आयोग ने शनिवार को रैलियों और रोड शो पर लगे बैन को 31 जनवरी तक बढ़ा दिया। हालांकि आयोग ने पहले चरण के लिए छूट देते हुए कहा कि इन सीटों पर उम्मीदवार और पार्टियां 28 जनवरी से चुनावी रैली शुरू कर सकते हैं। आयोग ने यह भी कहा कि दूसरे चरण के चुनाव के लिए पार्टियां और उम्मीदवार 1 फरवरी से चुनावी जनसभा शुरू कर सकते हैं। हालांकि उसने कहा कि वह बाकी चरणों के लिए बाद में फैसला करेगा।

आयोग ने उम्मीदवार को थोड़ी राहत देते हुए घर-घर जाकर प्रचार अभियान करने में शामिल होने वाले लोगों की संख्या बढ़ा दी है। आयोग ने कहा घर-घर जाकर प्रचार अभियान करने के लिए अब 10 लोगों को इजाजात होगी और इसमें सुरक्षाकर्मियों को नहीं गिना जाएगा। अभी तक यह संख्या 5 थी। चुनाव आयोग ने पांचों चुनावी राज्यों के चीफ सेक्रेटरी और हेल्थ सेक्रेटरी के साथ बैठक के बाद ये फैसला लिया है।

बता दें कि पहले चरण के तहत उत्तर प्रदेश के 11 जिलों की 58 विधानसभा सीटों पर 10 फरवरी को चुनाव होने हैं। आयोग ने कहा कि इन 58 सीटों पर राजनीतिक पार्टियां और उम्मीदवारों 28 जनवरी से चुनावी रैली और जनसभाओं का आयोजन कर सकते हैं।


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इससे पहले चुनाव आयोग ने 22 जनवरी तक रैलियों और रोड शो पर रोक लगाया था। यह मियाद आज खत्म हो रही थी और कई राजनीतिक पार्टियों को उम्मीद थी कि आयोग रैलियों पर लगी रोक को हटा सकता है। हालांकि कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए आयोग ने एक हफ्ते तक रोक बढ़ाने का फैसला किया।

इससे पहले आयोग ने राजनीतिक दलों को इंडोर मीटिंग के लिए 300 लोग अधिकतम या हॉल की 50 फीसदी कैपिसिटी तक छूट दी थी।

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