Ghulam Nabi Azad Rally: नई पार्टी के नाम का ऐलान अभी नहीं, पूर्ण राज्य से लेकर कश्मीरी पंडितों तक गुलाम नबी आजाद ने रखा अपना एजेंडा

Ghulam Nabi Azad Rally: जम्मू में अपनी रैली में बोलते हुए आजाद ने कहा, कांग्रेस (Congress) हमारे खून से बनाई गई थी। कंप्यूटर या ट्विटर से नहीं। लोग हमें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी पहुंच कंप्यूटर और ट्वीट तक ही सीमित है

अपडेटेड Sep 04, 2022 पर 2:05 PM
पूर्ण राज्य से लेकर कश्मीरी पंडितों तक गुलाम नबी आजाद ने रखा अपना एजेंडा

Ghulam Nabi Azad Rally: कांग्रेस (Congress) के पूर्व नेता गुलाम नबी आजाद (Ghulam Nabi Azad) का नया राजनीतिक अध्याय शूरू होने जा रहा है। गुलाम नबी देश की सबसे पुरानी पार्टी के साथ अपना पांच दशक पुराना नाता तोड़ चुके हैं। कांग्रेस छोड़ने के बाद अपनी पहली रैली के लिए आजाद रविवार सुबह जम्मू (Jammu) पहुंचे, जहां उन्होंने News18 से कहा, उनकी 'राष्ट्रीय स्तर' की पार्टी सबसे पहले आने वाले 'जम्मू-कश्मीर चुनावों' पर ध्यान देगी।

जम्मू में अपनी रैली में बोलते हुए आजाद ने कहा, "कांग्रेस हमारे खून से बनाई गई थी। कंप्यूटर या ट्विटर से नहीं। लोग हमें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी पहुंच कंप्यूटर और ट्वीट तक ही सीमित है। यही वजह है कि कांग्रेस जमीन पर कहीं नजर नहीं आती।"

उन्होंने रैली में कांग्रेस के प्रदर्शन और आंदोलन पर तंज कसते हुए कहा, "आज मैं देखता हूं कि कांग्रेस के लोग को जब सुबह बस से जेल में ले जाया जाता है और वे उसी समय DG और पुलिस कमिश्नर को फोन करते हैं और कहते हैं कि हमारा नाम लिख लीजिए और हमें 1 घंटे में छोड़ दीजिए। इसलिए आज कांग्रेस आगे नहीं बढ़ पा रही है।"


रैली में गुलाम नबी आजाद ने अपनी नई पार्टी के नाम और झंडे का ऐलान तो नहीं किया, लेकिन नई पार्टी बनाने की सर्वजनिक मंच से घोषणा कर दी है। उन्होंने कहा कि पार्टी के लोग मिलकर, जो भी नाम और झंडा तय करेंगे वही रखा जाएगा।

गुलाम नबी का जम्मू-कश्मीर के लिए मुख्य एजेंडा:

  • - पहला- पूर्ण राज्य का दर्जा हासिल करना।
  • - दूसरा- जमीन का अधिकार (कोई बाहर से जमीन न खरीदे)
  • - तीसरा- किसी बाहरी को नौकरी न दी जाए।
  • - चौथा- मानवाधिकार का मुद्दा।
  • - पांचवां- कश्मीरी पंडितों को वापस लाना और उन्हें बसाना।

73 साल के आजाद ने पार्टी छोड़ने के पीछे 'दुर्भाग्यपूर्ण परिस्थितियों' को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के लिए अपनी इच्छा जताते हुए कहा कि इस क्षेत्र को 'खुश' बनाना उनका लंबे समय से पुराना सपना था।

आजाद ने News18 को बताया, "2005 से 2008 तक मैं जम्मू-कश्मीर का मुख्यमंत्री था, लेकिन कुछ साथी मेरे कार्यकाल के बीच में ही चले गए थे। इसलिए उस समय मेरा एजेंडा पूरा नहीं हो सका। जम्मू-कश्मीर को खुशहाल बनाने का हमारा एजेंडा था।"

उन्होंने आगे कहा, "उस समय जो मेरे साथ कैबिनेट में थे, सभी अनुभवी नेता और सक्षम लोग, विधायक और मंत्री, वे सब हमारे साथ आए। अब हम सब मिलकर उस अधूरे एजेंडे को पूरा करेंगे।"

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आजाद के मुताबिक, "जम्मू-कश्मीर की खुशहाली का जो सपना देखा गया था, वह आधा पूरा हो गया था, लेकिन कुछ लोगों को वह खुशी अच्छी नहीं लगी।"

PDP पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को सकारात्मक बदलाव पसंद नहीं आए, क्योंकि उन्हें लगा कि इससे उन्हें वोट नहीं मिलेगा।

आजाद ने अपने नए संगठन की घोषणा की पुष्टि की और कहा कि नई पार्टी का गठन "राष्ट्रीय स्तर पर होगा।" उन्होंने कहा, “लेकिन हमें राष्ट्रीय आकांक्षाओं की कोई जल्दी नहीं है, क्योंकि यह (पार्टी) जम्मू-कश्मीर से शुरू होगी। जम्मू-कश्मीर में कभी भी चुनाव हो सकते हैं।"

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