हरियाणा विधानसभा चुनाव का ऐलान होते ही सभी दलों ने उम्मीदवारों के चयन के लिए अलग-अलग प्रक्रिया शुरू कर दी हैं। हालांकि, भारत में छोटे से छोटा और बड़े से बड़ा चुनाव जातीय समीकरण के बिना जीतना मुश्किल ही नहीं, नामुमकिन है। यही कड़वी सच्चाई है। इस चुनाव में भी पार्टियों के लिए अपने उम्मीदवारों का नाम फाइनल करना इतना आसान नहीं होगा, क्योंकि कई समुदाय और जाति-आधारित संगठनों ने अपने-अपने नेताओं के लिए पैरवी शुरू कर दी है। राजनीति के जानकार बताते हैं कि अगर आपको किसी पार्टी से चुनाव का टिकट चाहिए, तो उसके लिए केवल राजनीतिक अनुभव और छवि ही काम नहीं आएगी, बल्कि किसी समुदाए का समर्थन भी जरूरी है।
