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क्या आप भी अपने डर, ट्रॉमा... असुरक्षाओं पर नहीं कर पा रहे काबू, 'एटॉमिक हैबिट्स' के राइटर जेम्स क्लियर का ये कोट आपकी भी कर सकता है मदद

जेम्स क्लियर बेस्टसेलिंग किताब 'एटॉमिक हैबिट्स' के लेखक हैं। उन्होंने एक बार कहा था कि इंसान को खुद से गंभीरता से यह पूछना चाहिए कि उसे अपने लक्ष्य हासिल करने से क्या रोक रहा है और जो भी चीज रोक रही हो, उस पर काबू पाना चाहिए।

Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Aug 02, 2026 पर 4:04 PM
क्या आप भी अपने डर, ट्रॉमा... असुरक्षाओं पर नहीं कर पा रहे काबू, 'एटॉमिक हैबिट्स' के राइटर जेम्स क्लियर का ये कोट आपकी भी कर सकता है मदद
अपनी रिसर्च और प्रैक्टिकल जानकारी के ज़रिए, उन्होंने दुनिया भर के लाखों पाठकों की रोज़मर्रा की दिनचर्या और सोच को बदलने में मदद की है।

जेम्स क्लियर 'एटॉमिक हैबिट्स' जैसी बेस्टसेलर किताब के लेखक हैं। वे एक जाने-माने लेखक, स्पीकर और प्रोडक्टिविटी एक्सपर्ट हैं। उन्हें हमेशा से रोज़ाना की छोटी-छोटी आदतें, इंसानी व्यवहार और लगातार खुद को बेहतर बनाने जैसे विषयों में गहरी दिलचस्पी रही है। अपनी रिसर्च और प्रैक्टिकल जानकारी के ज़रिए, उन्होंने दुनिया भर के लाखों पाठकों की रोज़मर्रा की दिनचर्या और सोच को बदलने में मदद की है।

उनकी बातों ने कई लोगों को ज़िंदगी में बेहतर रास्ता चुनने में मदद की है। एक बार उन्होंने कहा था- “खुद पर काबू पाओ। अपने डर, अपने ट्रॉमा, अपनी असुरक्षाओं और अपनी बुरी आदतों पर। तुम्हें मोटिवेशन, इंस्पिरेशन या ऐसी किसी बकवास चीज की जरूरत नहीं है। तुम्हें बस खुद के साथ बैठकर यह पूछना है कि 'आखिर वो क्या चीज है, जो मुझे वो काम करने से रोक रही है, जो मुझे पता है कि मुझे करना चाहिए?'” सच में, यह एक ज़बरदस्त और बेबाक बात है। आइए समझते हैं कि इसका असल मतलब क्या है।

इस कोट (quote) का क्या मतलब है?

हममें से कई लोग कोई बड़ा कदम उठाने से पहले "सही समय," बाहरी मदद, या सब कुछ एकदम सही होने का इंतज़ार करते हैं। लोगों में अक्सर बाहरी हालात को दोष देने की आदत होती है जब वे अपनी कमियों से पार नहीं पा पाते। जेम्स क्लियर का यह कोट लोगों को अपने डर, पुराने सदमे (trauma), अपनी सीमाओं और बुरी आदतों से उबरकर और मज़बूत बनने के लिए प्रेरित करता है। रास्ते में रुकावटें आने पर, क्लियर लोगों को सलाह देते हैं कि वे खुद के साथ समय बिताएं और ईमानदारी से सोचें कि आखिर कौन सी चीज़ उन्हें अपनी मुश्किलों से उबरने से रोक रही है।

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