Himachal Political Crisis: हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस (Congress) सरकार के ऊपर मंडरा रहा संकट अभी कम होता दिखाई नहीं दे रहा है। एक तरफ विक्रमादित्या सिंह (Vikramaditya Singh) अब भी नाराज ही दिखाई पड़ रहे हैं, तो दूसरी तरफ उनकी मां और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह (Pratibha Singh) ने खुले तौर पर बीजेपी की तारीफ कर कांग्रेस की टेंशन बढ़ा दी है। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू (Sukhvinder Singh Sukhu) को लेकर राज्य इकाई और के बीच फैले असंतोष पर भी जोर दिया। उन्होंने पांच साल सरकार चलाने की CM सुक्खू के दावों पर भी सवाल उठाए।
न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए प्रतिभा सिंह ने हिमाचल में मौजूदा राजनीतिक संकट पर कहा, "पहले दिन से, मैं सीएम से कह रही थी कि हम आगामी चुनाव का सामना तभी कर पाएंगे, जब वो संगठन को मजबूत करेंगे। यह हमारे लिए बहुत मुश्किल स्थिति है। हम जमीन पर बहुत सारी कठिनाइयां देख सकते हैं, जैसा कि PM मोदी के निर्देश पर बीजेपी बहुत कुछ करने जा रही है। हम वहां कमजोर स्थिति में हैं। मैंने उनसे बार-बार आग्रह किया कि हमें मजबूत होने की जरूरत है और पार्टी को संगठित करने की जरूरत है। मैं ये कह सकती हूं ये मुश्किल समय है। फिर भी हमें चुनाव लड़ना है और जीतना है।"
यह पूछे जाने पर कि आज की तारीख में कौन बेहतर तैयार है- कांग्रेस या बीजेपी? हिमाचल प्रदेश कांग्रेस प्रमुख प्रतिभा सिंह कहती हैं, "कांग्रेस में बहुत कुछ किया जाना बाकी है। यह सच है कि बीजेपी का कामकाज हमसे बेहतर है।"
लोकसभा चुनाव के लिए राज्य में प्रचार का चेहरा कौन होगा- सीएम सुक्खू या आप? इस पर प्रतिभा सिंह ने कहा, "यह आलाकमान को तय करना है। यह तय करना मेरा काम नहीं है। मैं एक कार्यकर्ता की तरह, एक मौजूदा सांसद की तरह जाऊंगी। राज्य पार्टी प्रमुख के रूप में, संगठन में लोगों को मजबूत करना मेरी जिम्मेदारी है और मैं इसके लिए सभी प्रयास कर रही हूं।"
6 कांग्रेस विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने पर हिमाचल प्रदेश कांग्रेस प्रमुख ने कहा, "उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया है। हाई कमान तय करेगा कि अब उनकी क्या भूमिका होगी और आने वाले समय में क्या रणनीति बनाई जाएगी। वे (अदालत में) जाएंगे और हर कोई न्याय के लिए लड़ता है। मुझे नहीं पता कि निर्देश क्या थे। उन्हें भी इस फैसले से दुख हुआ होगा, क्योंकि वे सभी कांग्रेस के लोग हैं और अपने अधिकारों के लिए, अपनी मांगों के लिए लड़ रहे थे। देखते हैं स्थिति क्या बनती है।"