पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) की कुर्सी खतरे में है। इमरान खान को हटाने के लिए पाकिस्तान की संसद में अविश्वास प्रस्ताव पेश कर दिया गया है। पाकिस्तान के स्पीकर कासिम सूरी (Qasim Suri) के हवाले से बताया गया कि 31 मार्च की शाम 4 बजे अविश्वास प्रस्ताव पर बहस होगी और मतदान कराया जाएगा। इस बीच, अपनी कुर्सी बचाने के लिए झूठे दावे कर रहे प्रधानमंत्री इमरान खान को उनके मुख्य सहयोगी दल मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट पाकिस्तान (MQM-P) ने करारा झटका दिया है।
संयुक्त विपक्ष की ओर से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव से ठीक पहले MQM-P ने इमरान खान के खिलाफ वोट देने का ऐलान कर दिया है। MQM-P ने विपक्षी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के साथ जाने का फैसला किया है। MQM के सत्ताधारी पीटीआई से समर्थन वापस लेने के बाद पीएम इमरान खान की सरकार जाना तय माना जा रहा है।
MQM-P के समर्थन वापस लेने के बाद पीटीआई सरकार ने निचले सदन में बहुमत खो दिया है। सदन में अब पीटीआई समर्थक सांसदों की संख्या घटकर 164 रह गई है। जबकि संयुक्त विपक्ष के 177 सदस्य हो गए हैं। पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में कुल सदस्यों की संख्या 342 है। बहुमत के लिए 172 सांसदों का समर्थन चाहिए। विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव 31 मार्च से बहस शुरू होगी और तीन अप्रैल को वोटिंग होगी। MQM-P के कुल सात सांसद हैं। हालत यह हो गई है कि अब विपक्ष को इमरान की पार्टी के बागी सांसदों की भी जरूरत नहीं रह गई है।
इमरान ने अपना आखिरी दांव चल दिया
पाकिस्तान में अपनी कुर्सी बचाने की कोशिशों में जुटे प्रधानमंत्री इमरान खान ने मंगलवार को अपनी पार्टी के सांसदों को उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान वाले दिन इसमें अनुपस्थित रहने, या उस दिन नेशनल असेंबली के सत्र में भाग नहीं लेने की मंगलवार को सख्त हिदायत दी।
जियो न्यूज की खबर के मुताबिक, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) सांसदों को लिखे एक पत्र में प्रधानमंत्री खान ने कहा कि नेशनल असेंबली में पीटीआई (उनकी पार्टी) के सभी सदस्य मतदान से दूर रहें या उस दिन नेशनल असेंबली की बैठक में शामिल नहीं हों जब उक्त प्रस्ताव पर मतदान कराया जाएगा।
पाकिस्तानी संसद (नेशनल असेंबली) के सचिवालय के समक्ष विपक्षी दलों ने गत आठ मार्च को प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव सौंपा था। विपक्ष ने आरोप लगाया था कि इमरान खान के नेतृत्व वाली पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) पार्टी की सरकार देश में बढ़ती महंगाई और आर्थिक संकट के लिए जिम्मेदार है। इसके बाद से देश की राजनीति में अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे है।
3 अप्रैल को इमरान की जा सकती है कुर्सी
इमरान खान सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के कारण पाकिस्तान का राजनीतिक पारा चढ़ता दिख रहा है, जिसका इस हफ्ते के अंत तक परिणाम दिख सकता है। 31 मार्च को अविश्वास प्रस्ताव पर बहस होगी, उसके बाद तीन अप्रैल को मतदान होगा। इमरान सरकार को गिराने के लिए 342 सदस्यीय नेशनल असेंबली में विपक्ष को 172 मत की जरूरत होगी।
69 वर्षीय खान साल 2018 में नया पाकिस्तान बनाने के वादे के साथ सत्ता में आए थे, लेकिन वह मूलभूत समस्याओं से निपटने में नाकाम रहे जिससे विपक्ष को हमला करने का मौका मिल गया। पाकिस्तान की 342 सदस्यीय नेशनल असेंबली में इमरान की पार्टी पीटीआई के 155 सदस्य हैं और उन्हें भी सरकार बचाने के लिए 172 सदस्यों की जरूरत पड़ेगी यानी इमरान सरकार की मुश्किलें बढ़ गई हैं।